प्रदेश के प्रमुख 11 शहरों के दो तिहाई लोग इस बात को लेकर तो संतोष जाहिर करते हैं कि उनके शहर में वोकेशनल यानी रोजगारपरक ट्रेनिंग मिल जाती है। लेकिन, बात जब इन संस्थानों के स्तर, शिक्षकों की गुणवत्ता और नौकरी दिलाने में इन कोर्सेज की भूमिका को लेकर आती है, तो करीब 50 प्रतिशत लोग नाखुशी जाहिर करते हैं।
रोजगार के अवसरों की उपलब्धकता की शिकायत सभी शहरों के लोगों को है। शहरों में रोजगार उपलब्ध न होने की वजह से लोगों को दूसरे शहरों में काम की तलाश में जाना पड़ता है। लेकिन सर्वेक्षण में लोगों ने कहा कि उनकी पहली पसंद अपने शहर में रहकर ही काम करना है।
सर्वे के नतीजों के मुताबिक अगर अपने शहर में रोजगार के अवसर मिल जाएं, तो करीब 90 प्रतिशत लोग नौकरी की तलाश में बाहर नहीं जाना चाहते।
रोजगार की कमी ही एकमात्र वजह नहीं है जिसकी वजह से लोग अपना शहर छोड़ रहे हैं। कम वेतन मिलना भी पलायन का एक बड़ा कारण है। आगरा, कानपुर, अलीगढ़ और झांसी के लोगों को कम वेतन मिलने की शिकायत सबसे ज्यादा है।