हिमाचल में जिलों के ऊपर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का बयान आने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार ने भी अपनी प्रतिक्रिया जताई है। धर्मशाला के पास सकोह में आए एक कार्यक्रम के दौरान सांसद शांता कुमार ने कहा कि हिमाचल में जिलों की संख्या बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है।
इस कृत्य से तो सिर्फ धन की ही बर्बादी होगी। शांता ने कहा कि सूबे के छोटे और बडे जिलों को एक बराबर करने के लिए नए सिरे से जिलों को पुनर्गठन किया जा सकता है। पुनर्गठन भी राजनीतिक विचारों के आधार पर नहीं होना चाहिए। इसके लिए बाकायदा आयोग का गठन होना चाहिए। पुनर्गठन में जिलों की संख्या नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। जिले सिर्फ 12 ही रहने चाहिए।
लोगों को ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी नहीं बल्कि सुविधाएं की जरूरत है। इससे जो बड़ा छोटा जिला होगा, वह बड़ा हो जाएगा और जो बहुत बड़ा जिला होगा वह छोटे जिले के समान हो जाएगा। शांता कुमार ने पनपते जा रहे आतंकवाद पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के परिसर का सात वर्ष बाद निर्माण नहीं हो पाया, यह दुख की बात है।
राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से सीयू के भूमि का चयन नहीं हो पाया है। सीयू की भूमि का चयन राजनीतिक राय के आधार पर न करके इस पर शिक्षाविद्वों की राय लेनी चाहिए। सीयू के लिए शिक्षाविद्व जो स्थान निर्धारित करेंगे, वहीं पर केंद्रीय विवि का निर्माण होना चाहिए।