होबा। शासन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी सरकारी गेहूं की खरीद में दलाल और बिचौलिये सक्रिय हैं। कमीशनखोरी के चलते किसानों को नुकसान और व्यापारियों को फायदा हो रहा। सांठगाठ के चलते व्यापारी अपना अनाज सहूलियत से बेच रहे है।
ऐसा ही एक मामला जैतपुर विकासखंड की साधन सहकारी समिति मंगरौल खुर्द में देखने को मिला। जहां व्यापारी मंगलवार की सुबह अपनी आढत से तीन ट्राली लगभग साठ कुंतल गेहूं निकाल कर सहकारी समिति मंगरौल खुर्द जा पहुंचा और उसके बगैर किसी कागजात के एक ट्राली गेहूं तौल भी लिया गया। मामले की सूचना कुलपहाड़ उपजिलाधिकारी राजेश यादव को किसानों ने दी सूचना मिलते ही एसडीएम व सीओ कुलपहाड़ मंगरौलखुर्द जा पहुंचे। जिन्हें देखकर व्यापारियों में भगदड़ मच गई। उपजिलाधिकारी ने सहकारी समिति के दस्तावेजों की गहनता से जांच की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद किसान के नाम से फर्जी गेहूं बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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महज एक किसान का खरीदा जा सका गेहूं
अजनर (महोबा)। समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत अजनर साधन सहकारी समिति में खोले गए गेहूं क्रय केंद्र में पल्लेदार न होने से 6000 क्विंटल के सापेक्ष महज 30 क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो सकी है। क्रय केंद्र में करीब 50 किसानों के रजिस्ट्रेशन हो चुके है लेकिन पल्लेदार न होने से खरीद मात्र एक किसान कुंवरलाल की ही 30 क्विंटल की हो पाई है। समिति के सचिव सुरेश द्विवेदी का कहना है कि सूखा की बजह से अधिकांश मजदूर मजदूरी के लिए बाहर शहरों की तरफ चले गए है जिससे पल्लेदार नहीी मिल रहे है। किसानों के सहयोग से तौल की जा रही है।