टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में चंपावत और लोहाघाट के बीच 13 किलोमीटर के हाल खस्ता हैं। यहां 37 जगहों पर गड्ढे हैं, जिनसे रोड और गड्ढों का फर्क ही गायब है। इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों का कहना है कि न केवल आवाजाही में अधिक समय लग रहा है बल्कि रोड पर जोखिम भी बढ़ रहा है। बीते 15 दिनों में कई लोग हादसों के शिकार होते-होते बचे हैं।
कार्यदायी संस्था नेशनल हाइवे डिवीजन ने सड़क में काम की शुरुआत तो मार्च में कर दी थी, लेकिन 27 मार्च से काम पर ब्रेक लग गया। खराब रोड के चलते 25 मिनट का सफर करीब 55 मिनट में पूरा हो रहा है। लोगों का कहना है कि लोहाघाट-चंपावत के बीच यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के बजाय गड्ढे वाला मार्ग में तब्दील हो गया है, जिसमें सुरक्षित सफर भी कठिन हो गया है। ऐसे में जिले को पर्यटन मानचित्र में लाने का सपना तो दूर सकुशल सफर भी चुनौती बन रहा है।
सड़क पर उतरेगी भाजपा
चंपावत। एनएच की बदहाली के विरोध में भाजपा सड़कों पर उतरेगी। जिला प्रवक्ता मोहन सिंह अधिकारी का कहना है कि 10 अप्रैल तक काम शुरू नहीं किए जाने पर पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी, जिसके तहत कार्यदायी संस्था से लेकर जिला प्रशासन की चौखट तक दस्तक दी जाएगी।
फोटो 05 सीपीटी 3पी (सिंगल)
क्रासर
मौसम ठीक होते ही संवेदनशील स्थलों में पेचवर्क का काम अगले हफ्ते से दोबारा शुरू करा दिया जाएगा। साथ ही चंपावत-लोहाघाट हिस्से को अप्रैल में पूरा करा लिया जाएगा। टनकपुर से पिथौरागढ़ एनएच के बीच 1.83 करोड़ रुपए से रोड को ठीक कराया जाएगा।
एमएस धर्मसत्तू, अधिशासी अभियंता,
एनएच डिवीजन, लोहाघाट।