अलीगढ़। जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वाली छर्रा विधायक ठा.राकेश सिंह की पत्नी डा. नीतू सिंह ने रविवार को कई सवालों के जवाब दिए। उन्हाेंने जमानत जब्त करा देने वाली अपनी करारी हार के कारणों का खुलासा किया। उधर, विधायक ने स्थानीय जिला प्रशासन और बसपा के बीच पर्दे के पीछे गठजोड़ होने के संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत सीएम अखिलेश यादव और चुनाव आयोग से करेंगे। उन्होंने बसपा के प्रभाव में आकर चुनाव मन से नहीं लड़ने के सभी आरोपों का खंडन किया है। पेश है कुछ सवालों के जवाब-
सवाल : आपके समर्थन में 17 जिला पंचायत सदस्य लखनऊ गए थे उन्होंने आपको वोट क्यों नहीं किया..? 17 के अलावा सपा खेमे के तीन और निष्ठावान जिपं सदस्य थे , जो लखनऊ नहीं गए लेकिन उन्होंने आपको वोट किया है..?
जवाब : ये सही है। सपा खेमे व निर्दलीय मिला कर 17 जिपं सदस्य मेरे समर्थन में थे। बाद में वही लोग धनबल के सामने झुक गए। उन्होंने पूर्वजों के आशीर्वाद, जनता के प्यार और विश्वास का सौदा कर दिया। केवल सपा खेमे के सभी नौ वोट मिले हैं।
सवाल : तीन विधायक और संगठन का साथ मिला या पार्टी में अंदरखाने गुटबाजी हुई?
जवाब : सभी तीन विधायक, जिलाध्यक्ष अशोक यादव, महानगर अध्यक्ष अज्जू इसहाक और सभी नेता और कार्यकर्ताआें ने टिकट मिलने से नतीजा आने तक पूरा साथ दिया। इसके लिए सभी का एहसानमंद हूं। हर सपाई मेरे परिवार का एक सदस्य है।
सवाल: चर्चा है कि बसपा के पूर्व कबीना मंत्री ठा.जयवीर सिंह की ओर से आपको आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा से टिकट दिलवाने का भरोसा और ‘ बड़ा तोहफा’ दिया गया है?
जवाब : सीएम अखिलेश यादव के आशीर्वाद से वह विधायक बने। उनकी वजह से पत्नी डा. नीतू सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टिकट मिला। मेरा पूरा परिवार आजीवन सपाई रहेगा। बसपा से टिकट दिलवाने और कुछ भी देने की बात विपक्षी खेमे द्वारा उड़ाई गई अफवाह है। पार्टी में मेरी छवि खराब करने की साजिश है।
सवाल : आपकी हार की मुख्य वजह क्या रही..?
जवाब : चुनाव में पर्दे के पीछे प्रशासन ने बसपा की अंधभक्ति दिखाई। बसपा समर्थक जिपं सदस्यों को मुख्य गेट से इतर दूसरे गेट से प्रवेश दिया गया। इनकी तलाशी नहीं हुई। बसपा नेता सभी जिपं सदस्यों को बस में भर कर लाए। 50 कारों का काफिला बस की सुरक्षा में लगा हुआ था। इसमें हथियारबंद बाउंसर थे। वो समय से पहले कलक्ट्रेट पहुंच गए। उनके वोटर आई कार्ड नियम विरुद्ध एक साथ बसपा खेमे में पहुंचाए गए। ये बिना प्रशासन की मदद के संभव नहीं।
सवाल : तो क्या ये मान लिया जाए कि प्रशासन समझ चुका है कि सपा सरकार दोबारा सत्ता में वापस नहीं आएगी। रुझान बसपा की ओर हो रहा है?
जवाब : प्रशासन ये मान रहा है तो ये गलतफहमी के अलावा कुछ नहीं। सीएम अखिलेश यादव ने इतना काम किया है कि दूसरी किसी पार्टी को वर्ष 2017 में मौका नहीं मिलेगा।
सवाल : आपने जिपं सदस्यों की सुरक्षा, उन्हें किसी ‘प्रभाव’ से बचाने की शासन या चुनावयोग से शिकायत की थी?
जवाब : सपा नेताआें ने प्रशासन से जिपं सदस्यों के बंधक बनाने की शिकायत 24 दिसंबर को की थी। प्रशासन ने सदस्यों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने का वादा किया लेकिन पुलिस वाले 4 जनवरी को तब उनके घरों में पहुंचे जब सभी सदस्य गायब हो चुके थे। हमारे अलावा रालोद विधायक ठा. दलवीर सिंह ने भी इसकी शिकायत की थी।
सवाल : क्या प्रशासन की लापरवाही की शिकायत सीएम या चुनाव आयोग से की है।
जवाब : सीएम को पूरे प्रकरण से अवगत कराने जा रहे हैं। चुनाव आयोग को भी ई मेल और दूसरे माध्यम से शिकायत दी जाएगी।