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खुलेंगे सुविधा केंद्र तो खत्म होगी दलाली

Sun, 08 Sep 2013 11:01 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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आर एन राय, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी
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पासपोर्ट जारी करने में होने वाली देरी के लिए पासपोर्ट ऑफिस कहीं से भी जिम्मेदार नहीं है। लोगों को जल्द से जल्द पासपोर्ट दिलाना अब पुलिस के हाथ में है।

क्योंकि पासपोर्ट सिस्टम ऑनलाइन होने के बाद से कहीं से भी देरी की गुंजाइश नहीं है। पुलिस की रिपोर्ट मिलते ही पासपोर्ट ऑटोमैटिक छपाई के लिए चला जाता है।
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इसलिए मेरा प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी जिलों में पुलिस रिपोर्ट को ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था हो जाए। अभी मेरे कार्यक्षेत्र में आने वाले 49 जिलों में से 30 से ऑनलाइन रिपोर्ट भेजी जा रही है।

ऑनलाइन प्रोजेक्ट में थी कई खामियां
मैंने 17 अप्रैल 2013 को यहां कार्यभार संभाला था। मैंने पाया कि ऑनलाइन प्रोजेक्ट में सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां थीं। उनके बारे में विदेश मंत्रालय को जानकारी दी गई। दिल्ली से आई टीम ने वो खामियां दूर की।

अब सुरक्षा के लिहाज से सिस्टम फूलप्रूफ है। अप्वॉयन्टमेंट में प्री पेमेंट की व्यवस्था से भी लोगों को काफी सहूलियत मिली। पहले वाली व्यवस्था में लोगों की मुलाकात हो पाए इसकी गारंटी नहीं थी। पहले ऑनलाइन अप्वॉयन्टमेंट लेने के लिए कुछ मिनटों का समय मिलता था।

अब किसी भी दिन किसी भी समय अप्वॉयन्टमेंट लेने की व्यवस्था कर दी गई है। लखनऊ में प्रतिदिन 600 लोगों को अप्वॉयन्टमेंट दिया जा रहा है।

इस साल जनवरी से अबतक लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस की जद में आने वाले 49 जिलों में दो लाख 90 हजार 585 पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। जबकि करीब तीन लाख पासपोर्ट आवेदन प्रॉसेस में हैं।

पुलिस पकड़ेगी संदिग्ध कौन?
संदिग्धों को पासपोर्ट जारी होने के पीछे पुलिस बड़ी वजह है। क्योंकि किसी के आपराधिक इतिहास और चरित्र की रिपोर्ट पुलिस ही जारी करती है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही पासपोर्ट जारी होते हैं। संदिग्धों के पासपोर्ट अलग करने की बात है तो ये हमें पुलिस ही बताएगी कि कौन संदिग्ध है।

सुविधा केंद्रों से दलालों पर लग सकती है लगाम
पासपोर्ट दफ्तर में दलालों पर लगाम लगाने का एक मात्र उपाय है कि सभी जगह सुविधा केंद्र बना दिए जाएं। जो आवेदकों से एक निश्चित फीस लेकर उनकी मदद करें।

दरअसल आवेदकों में एक बड़ा वर्ग अशिक्षित या कम पढ़ा लिखा होता है। कई ऐसे होते हैं जिन्हें इंटरनेट और कम्प्यूटर के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। दलाल ऐसे लोगों को ही अपना शिकार बनाते हैं।
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मंत्रालय के पास एक प्रस्ताव भेजा गया है। जिसमें डॉकघरों में स्पीड पोस्ट सेंटर में सुविधा केंद्र बनाने की बात की गई है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाए तो दलालों की घुसपैठ खत्म हो जाएगी। लोग सुविधा केंद्र पर जाकर आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
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