पंजाबी गायकी में पूरे विश्व में नाम कमाने वाली मशहूर गायिका मिस पूजा ने मात्र पांच साल की उम्र में गायन क्षेत्र में कदम रख दिया था। संगीत में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने इसी विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की और इसके बाद बीएड और एमएड की डिग्रियां भी हासिल कीं।
इसके बाद उन्होेंने स्कूल में संगीत का अध्यापन कार्य शुरू किया। वर्ष 2006 में मिस पूजा ने अध्यापन छोड़ गायन क्षेत्र को पूरी तरह अपना लिया। इसके बाद एक के बाद एक पंजाबी एलबम से उन्होंने पंजाबी संगीत में एक अमिट छाप छोड़ते हुए न सिर्फ देश, बल्कि विदेश में भी नाम रोशन किया।
मिस पूजा अपनी इस उपलब्धि के लिए अपने पिता को श्रेय देने के साथ भगवान का भी शुक्रिया अदा करती हैं। उन्होेंने कहा कि उनके पिता ही थे, जिन्होंने संगीत के क्षेत्र में आने में उनका मनोबल बढ़ाया, बल्कि साथ भी दिया।
मिस पूजा के सक्रिय राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह अभी केवल गायन पर फोकस करना चाहती हैं। लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होेंने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री देश को सही दिशा में लेकर जा रहे हैं।