कांगड़ा के निकटवर्ती इच्छी खास गांव के लोगों ने पुनर्सीमांकन में इच्छी
खास को झिकली इच्छी के साथ मिलाने के विरोध में पंचायत चुनाव का बहिष्कार
किया। मंगलवार को झिकली इच्छी में गांव के लोगों ने वोट नहीं डाले।
कुछ समय
पहले पुनर्सीमांकन में 1550 मतदाताओं वाली इच्छी खास पंचायत को तोड़कर 743
मतदाताओं के आधार पर कनद्रेहड़ पंचायत बना दी गई, जबकि 800 मतदाताओं वाली
इच्छी खास पंचायत को उस झिकली इच्छी पंचायत के साथ मिला दिया गया। यहां
पहले से ही 2200 के लगभग मतदाता हैं।
वार्ड 1 और 2 के सभी वोटरों ने पंचायत
भवन के सामने धरना दिया, पर मतदान में भाग नहीं लिया। स्थानीय लोगों ने
कहा कि जब तक इस समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तब तक ग्रामीण लोकसभा और
विधानसभा सहित किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।
इस दौरान पूर्व
प्रधान मस्तराम, सुरेंद्र कुमार, महिला मंडल प्रधान नीलम कुमारी, कुंता
देवी, बलवीर सिंह, इकबाल सिंह, प्रवीण कुमार, पवन कुमार, बलबीर, शम्मी,
मदनलाल, गुलाब सिंह, अजय, सोहनलाल, अशोक कुमार, केवल कुमार, सतपाल, चंचला
देवी, जसवीर, विपिन कुमार, विजय कुमार, सरवन कुमार, विकास, शिक्षा देवी,
देशराज, सरोज कुमारी, अश्विनी कुमार, हल्का देवी, सुनील कुमार, मनीला राम,
सुषमा देवी, सुभाष, सत्य देवी, अमन, साक्षी, कांता, पुण्य देवी, किशोर
चंद, नीता, हेमराज और मस्तराम सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।