कोतवाली क्षेत्र के गजना गांव में 27 नवंबर की शाम ग्राम प्रधान की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी चाचा और उसके पुत्र को आलाकत्ल के साथ हिरासत में ले लिया। पुलिस अधीक्षक ने हत्यारोपी के राइफल के लाइसेंस को तत्काल निरस्त करने के साथ-साथ एनएसए जैसी धाराओं में कार्रवाई के आदेश इंस्पेक्टर बिल्हौर को दिए हैं।
वहीं, पुलिस ने प्रधान के भाई की तहरीर पर तीन लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
गजना ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश उर्फ डिंपल कटियार पुत्र बलभद्र कटियार की जमीनी विवाद में 27 नवंबर दिन सोमवार की शाम उनके चाचा ओमप्रकाश कटियार ने विवाद के बाद राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से लगातार गांव में तनाव था।
एसएसपी अखिलेश कुमार ने घटना की सूचना के बाद तत्काल कई थानों का पुलिस गांव भेजने के साथ ही फोरेंसिक टीम, डाग स्क्वायड और आरएएफ सुरक्षा बल को घटना स्थल पर तैनात किया था। एसएसपी के सोमवार को देर रात गांव पहुंचने पर कमरे में बंद हत्यारोपी ओमप्रकाश को जैसे-तैसे आलाकत्ल लाइसेंसी राइफल सहित दबोच लिया गया।
इसके साथ-साथ पुलिस ने ओमप्रकाश के पुत्र विजय कटियार को भी हिरासत में लिया है जबकि एक अन्य आरोपी नवीबख्श निवासी गांव चीतापुर अभी पुलिस पकड़ से दूर है। गोली लगने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखते हुए एसएसपी के आदेश पर आरएएफ और पुलिस के जबान गश्त करते रहे।
घटना के बाद देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए कानपुर भेज दिया गया था। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे गांव पहुंचे ग्राम प्रधान के शव को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़े। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को सख्त से सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए आंकिन हाशिमपुर गंगा तट पर शव का अंतिम संस्कार कराया।