यमुना और गंगा मेरी मां है, इन पांच सालों में इनकी सफाई का कार्य होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ये शब्द यमुना की अविरल धारा के लिए जूझ रहे ब्रजवासियों को राहत तो दे गए। लेकिन यमुना की सफाई के लिए केंद्र सरकार की योजना के बारे में मोदी की चुप्पी ब्रजवासियों को खल गई। प्रधानमंत्री की सभा से बड़ी उम्मीद पाले यमुना भक्तों को निराश ही हाथ लगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में यमुना की शुद्धि के लिए कोई जिक्र न होना निराशाजनक है। ये बात इसलिए और निराशाजनक है कि एक तरफ मोदी के यमुना के लिए किए गए वादे को एक साल हो गया है और दूसरी ओर दिल्ली में केंद्र सरकार के वादे की अवधि दो माह भी हो चुकी है।
-पुष्टि मार्गीय आचार्य पंकज बाबा
राष्ट्रीय संरक्षक, यमुना मुक्तिकरण अभियान, मथुरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक साल का हिसाब देने के लिए मथुरा को चुना था। इसी मथुरा में उन्होंने एक साल पहले यमुना को साबरमती की तर्ज पर साफ करने का वादा किया था। ऐसे में यमुना भक्तों की यमुना की सफाई को लेकर बड़ी घोषणा की अपेक्षा वाजिब थी। बावजूद इसके कोई ऐलान न करना निराश करने वाला है।
-राधाकांत शास्त्री, राष्ट्रीय संयोजक
यमुना मुक्तिकरण अभियान, मानमंदिर, मथुरा
ये दुख की बात है। प्रधानमंत्री के मथुरा आगमन पर ब्रजवासियों को बड़ी उम्मीद थी कि वो ब्रजवासियों के मन की बात को समझेंगे। यमुना को लेकर यहां के लोगों के मन की पीड़ा पर अपनी घोषणाओं का मरहम लगाएंगे। लेकिन ऐसा न होने से लाखों ब्रजवासियों को निराशा हाथ लगी है।
-सुनील सिंह, राष्ट्रीय सहसंयोजक, यमुना मुक्तिकरण अभियान, मानमंदिर मथुरा
हमें प्रधानमंत्री के मथुरा आगमन पर बड़ी उम्मीद थी। यमुना को लेकर ब्रजवासी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का आगमन ब्रजवासियों को उत्साहित करने वाला था। अपने भाषण में पीएम ने यमुना की शुद्धि को लेकर कोई योजना पेश नहीं की। ये निराशा की बात है।
-संत जयकृष्ण दास, राष्ट्रीय अध्यक्ष यमुना रक्षक दल मथुरा