पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आईएसआईएस के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के खुलासे के बाद नोएडा में सतर्कता बढ़ाकर नोएडा पुलिस अलर्ट हो गई है। दिल्ली से सटे और आईटी हब के कारण नोएडा पहले से ही आतंकियों के निशाने पर रहा है। जैश-ए-मोहम्मद से लेकर लश्कर के आतंकियों की नोएडा से गिरफ्तारी हुई है।
वर्ष 2009 में गणतंत्र दिवस से पहले की रात को नोएडा- ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लश्कर के तीन आतंकियों को पुलिस ने मार गिराया था। शहर में इससे पहले भी आतंकियों के इनपुट मिले हैं और शहर में आतंकियों के ठिकाने रहे हैं। 1988 में जहां आतंकवादी हरविंदर सिंह को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया था। वहीं, 2002 में पुलिस ने शहर में रह रहे आईएसआई के एजेंट मोहम्मद सलीम को पकड़ा था। सलीम फर्जी नाम से रह रहा था।
2003 में पुलिस ने जैश के एरिया कमांडर मंजूर डार को सेक्टर-24 के पास से पकड़ा था। 2005 में असम पुलिस ने नोएडा में रह रहे चार संदिग्ध पाकिस्तानियों को भी दबोच लिया था। इसके अलावा नोएडा पुलिस को 25 जनवरी 2009 की रात को उस समय एक बड़ी सफलता मिली थी। जब कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस व एटीएस ने मिलकर एक्सप्रेसवे पर दो आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया था। मारे गए आतंकियों की पहचान फारूख उर्फ अली मोहम्मद व अबू इस्माइल के रूप में हुई थी। इनके पास से एके 47 भी मिली थी।
कस्बों पर पुलिस की ज्यादा नजर
शहर में आईटी हब, मेट्रो, मौसम विभाग, आईओसी से लेकर कई बड़े-बड़े प्रतिष्ठान हैं। आतंकियों की गिरफ्तारी व उनसे मिले इनपुट के बाद यह बात कई बार सामने आई है कि नोएडा सॉफ्ट टारगेट है। जनपद में स्लीपिंग मॉड्यूल होने की खुफिया जानकारी भी पुलिस के पास है। गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद के कस्बों में आतंकियों के स्लीपर मॉडॅयूल मौजूद रहे हैं। इलियास कश्मीरी से लेकर कई अन्य आतंकियों के छिपे होने की बात कई बार सामने आई थी। पुलिस ने इन कस्बों से कई स्लीपर मॉड्यूल को गिरफ्तार किया है।
जर्मन बेकरी के आतंकियों के पास नक्शा
8 सितंबर, 2010 को मुंबई एटीएस ने पुणे जर्मन बेकरी बम ब्लास्ट के मामले में हिमायत बेग बिलाल को औरंगाबाद व नासिक से गिरफ्तार किया था। इनके पास से नोएडा पार्क व सेक्टर-18 मार्केट का मैप मिला था। इसके बाद नोएडा में भी आतंकी साया होने की बात सामने आई थी। हिमायत बेग सिमी का भी सक्रिय सदस्य रहा था।
टुंडा ने शुरू की थी आतंकी हरकत
गौतमबुद्धनगर की नींव पड़ने के पांच साल पहले ही शहर में आतंकी हरकतें शुरू हो गई थीं। पिलखुआ, गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा आईएसआई एजेंट जावेद व यूसुफ के करीब आए और आतंकियों को जानकारी देने लगे। इसके बाद क्रश इंडिया फोर्स बनाकर आतंक की नींव डाल दी। बाद में पुलिस को इस फोर्स को खत्म करने में सफलता मिली।
बड़ी घटनाएं
22 नवंबर 02- पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के आईएसआई एजेंट सलीम उर्फ प्रकाश चावला को सेक्टर-37 हरिजन बस्ती से किया गिरफ्तार।
12 मार्च 03- एसटीएफ ने सेक्टर-24 क्षेत्र में जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मंजूर अहमद को मुठभेड़ में मार गिराया।
2004- कोतवाली सेक्टर-58 व फेज टू पुलिस ने पांच संदिग्ध पाकिस्तानी को गिरफ्तार किया। इनमें दो महिलाएं भी थीं।
25 जनवरी 09-एटीएस व पुलिस ने मिलकर एक्सप्रेसवे पर लश्कर के आतंकी अबु इस्माइल व फारूख को मार गिराया।
23 नवंबर 2011- घाटकोपर बम ब्लास्ट कर आरोपी तौफीक भी नोएडा से गिरफ्तार हुआ।
19 नवंबर 2015- सेक्टर-14ए पेट्रोल पंप के पास से बांग्लादेश के आतंकी अब्दुल को गिरफ्तार किया।