शहर में धड़ल्ले से चल रहे अवैध बूचड़खाने बंद कराने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। साथ ही पशु विभाग के अधिकारी को पंजीकृत छोटे स्लॉटर हाउस में बकरा काटने के रेट रिवाइस करने के निर्देश दिए गए हैं। स्लॉटर हाउस में वर्षों से दो रुपये में बकरा काटा जा रहा है।
गौरतलब है कि एनजीटी ने शहराें में चल रहे अवैध पशु वधशालाओं को बंद कराने के लिए नगर आयुक्तों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को जिम्मेदार बताया है। आगरा नगर निगम सीमा क्षेत्र में भी तमाम अवैध पशु वधशालाएं संचालित हैं। अमर उजाला ने अपने गुरुवार के अंक में इस मामले को प्रकाशित किया। इसको संज्ञान में लेते हुए उप नगर आयुक्त अनिल कुमार ने अधीनस्थों के साथ बैठक कर अवैध स्लॉटरिंग रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से कहा कि टीम बनाकर छापे मारें और कार्रवाई करें।
नगर निगम ने अपने पंजीकृत पशु वधशालाओं में पशु कटान की दरें भी रिवाइज करने का निर्णय लिया है। अनिल कुमार ने बताया कि नाई की मंडी, बजीरपुरा और सैयदपाड़ा में स्थित तीनाें छोटे स्लाटर हाउस में बकरों को काटा जाता है। बड़ी बात यह है कि आज भी प्रति बकरा कटान करीब दो रुपये शुल्क लिया जा रहा है। पशु चिकित्सा विभाग को नई दरों का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अगली कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव शामिल किया जाएगा।