लॉकडाउन की वजह से प्रयागराज से संचालित विमानों में जिन लोगों ने अपने हवाई टिकट बुक करवा रखे थे, उन्हें संबंधित विमानन कंपनियों की ओर से रिफंड देना होगा। इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पत्र जारी कर विमानन कंपनियों से कहा है कि तीन सप्ताह में यात्रियों का रिफंड दे दिया जाए। विमानन कंपनियां अगर सरकार के निर्देश का पालन करती हैं तो लॉकडाउन अवधि में प्रयागराज से विभिन्न शहरों को संचालित फ्लाइटों के दो हजार से ज्यादा यात्रियों को रिफंड मिल जाएगा।
लॉकडाउन की वजह से निजी विमानन कंपनी इंडिगो आदि ने उड़ान रद होने पर यात्रियों को पैसे लौटाने की बजाय बराबर मूल्य का वाउचर दिया जा रहा था। इसका इस्तेमाल एक वर्ष के भीतर यात्री टिकट बुक कराने के लिए कर सकते हैं। लेकिन बहुत से यात्रियों ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई थी। इसमें प्रयागराज के भी यात्री थे। यात्रियों का कहना था कि कंपनियां एक वर्ष के भीतर यात्रा करने पर विवश कर रही हैं, भले ही बाद में उनको यात्रा की जरूरत हो या न हो। यात्रियों की इस समस्या पर अमर उजाला ने 16 अप्रैल के अंक में इस आशय का एक समाचार भी प्रकाशित किया। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के बाद ऐसे यात्री जिन्होंने अपने टिकट लॉक डाउन अवधि के दौरान बुक किए थे, उन्हें तीन सप्ताह में रिफंड मिल जाने की आस बंध गई है।