ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए केंद्र सरकार ने खेलो इंडिया योजना की शुरुआत की है। इसके तहत हर ब्लॉक स्तर पर आधुनिक स्टेडियम बनाया जाएगा। इसमें खेल के सारे संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। स्टेडियम की लागत कम से कम दो करोड़ व अधिकतम 10 करोड़ होगी। डीएम ने सभी एसडीएम को भूमि का चिह्नांकन के निर्देश दिए हैं।
सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में आगे नहीं बढ़ पातीं। उन्हें संसाधन उपलब्ध कराने जरूरत है। खेल को बढ़ावा देने के लिए युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार की ओर से खेलो इंडिया योजना शुरू की गई है जिसमें अवस्थापना मद के तहत स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। स्टेडियम में हॉकी, फुटबाल, एथलेटिक्स, टर्फ एवं मल्टी परपज हाल का निर्माण होगा। इसके लिए छह से सात एकड़ समतल व चौकोर भूमि की जरूरत पड़ेगी। भूमि चिह्नित करने के लिए डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं।
प्रभारी युवा कल्याण अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि स्टेडियम में खेल के पूरे संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। आधुनिक खेल संसाधनों से स्टेडियम लैस होंगे। इससे गांव के बच्चों को आसानी से खेल के साधन मुहैया हो सकेंगे। स्टेडियम में प्रतियोगिताओं का आयोजन कर उनसे खेल प्रतिभाएं चिह्नित की जाएंगी। उन्हें प्रदेश व देश स्तर पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। अभी तक गांवों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए न तो ठीक से संसाधन है और न ही कोई ऐसी योजना है। डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी एसडीएम से भूमि चिह्नांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही भूमि चिह्नित कर इसकी सूचना शासन को भेजी जाएगी।