रिकॉर्डिंग स्टूडियो में भले नए सॉफ्टवेयर आ गए हैं, लेकिन इसने गायकों को सुस्त बना दिया है। यह बात सेक्टर-35 स्थित स्वर सुधा रिकॉर्डिंग स्टूडियो के संचालक संजय चौबे ने कही। मंगलवार दोपहर अमर उजाला की टीम के साथ उन्होंने रिकॉर्डिंग के साथ जुड़े अपने 21 साल के अनुभव साझा किए।
यूट्यूब पर हिट है इनका गाना
संजय ने कहा कि हाल ही में उन्होंने शालमाली (बलम पिचकारी फेम) और परमिंदर गुरी के गाने दिल दी चाबी की रिकॉर्डिंग की थी। इस गाने को यूट्यूब पर कई लोगों ने देखा और अपने विचार दिए। साथ ही संजय राखे हरमिंदर दे फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक और साउंड को भी रिकॉर्ड करवा चुके हैं।
एफटीआईआई पुणे से की है साउंड इंजीनियरिंग
साल 1991 में एफटीआईआई पुणे से साउंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद संजय चंडीगढ़ आए। उन्होंने बताया कि उस दौरान पंजाब में केवल एक ही रिकॉर्डिंग स्टूडियो था। स्टूडियो में कार्यरत संगीत निर्देशक रजनीश शर्मा ने हंस राज हंस के गानों के कुछ टुकड़ों को संजय को कंपोज करने को दिया। संजय ने टुकड़ों को सही तरह से कंपोज कर रजनीश के आगे रखा तो उन्होंने उन्हें अगले ही दिन रिकॉर्डिंग के लिए बुला लिया और यूं रिकॉर्डिंग का सफर शुरू हो गया।
सुरजीत बिंदरखिया की पहली पसंद बन गया था
संजय ने कहा कि सुरजीत बिंदरखिया ने उनसे कई गानों को रिकॉर्ड करवाया था। सुरजीत का गाना दुप्पटा तेरा सतरंग दा के लिए उन्हें रिकॉर्डिंग के लिए खासतौर पर बुलाया गया। गाना हिट हो जाने पर लक टुणू टुणू और तेरे च तेरा यार बोलदा समेत बिंदरखिया के तकरीबन हर गाने को उन्होंने रिकॉर्ड किया। इसके अलावा संजय गुरदास मान, मनमोहन वारिस, राज बराड़, हंस राज हंस, सरदूल सिकंदर, मकबूल, फिरोज खान के लिए रिकॉर्डिंग कर चुके हैं।
युवा करवाते हैं पर्सनल रिकॉर्डिंग
संजय ने बताया कि उनके रिकॉर्डिंग स्टूडियो में कई युवा भी खास दिनों पर रिकॉर्डिंग करवाने आते हैं। उन्होंने बताया कि वेलेनटाइन डे पर युवा अपनी प्रेमिका के लिए गाना रिकॉर्ड करते हैं। बाजार के रिकॉर्डिंग स्टूडियो में एक गाने की रिकॉर्डिंग और कंपोज करने की कीमत 20 से 25 हजार रुपये है।