देहरादून के सुंदर होटल में प्रेमी युगल की मौत के पीछे मेरठ पुलिस की लापरवाही सामने आई है। युगल ने खुदकुशी करने के डेढ़ घंटे पहले मैसेज किया था। जिसे मेरठ पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। युवती के भाई ने रिश्तेदार को होटल में भेजा। होटल से युगल के चीखने की आवाज सुनकर रिश्तेदार ने देहरादून पुलिस को बुलाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पीड़ित परिवार ने कहा कि अगर मेरठ पुलिस गंभीर होती तो दोनों की जान बचा सकती थी।
सिविल लाइन थानाक्षेत्र के सर्वोदय कॉलोनी निवासी शिक्षक मनोज शर्मा और शिक्षिका शिवानी उर्फ ईशु गर्ग निवासी संजय नगर ने देहरादून के सुंदर होटल में बुधवार करीब छह बजे फांसी लगाकर जान दे दी थी। प्रेम प्रसंग के चलते दोनों 17 अगस्त को मेरठ से फरार हुए थे। बुधवार शाम करीब 4:15 बजे मनोज ने अपनी पत्नी रविता और शिवानी ने अपने भाई विनय शर्मा को मेसेज किया था। जिसमें उन्होंने खुदकुशी का जिक्र करते हुए परिवार के लोगों से माफी मांगी थी।
यह मैसेज आते ही विनय शर्मा तत्काल सिविल लाइन थाने पहुंचे और एसएसआई महेश सिंह राणा को इसकी जानकारी दी। दरोगा महेश सिंह ने अपने फोन में मैसेज लेकर जांच कराने की बात कहते विनय को थाने से चलता कर दिया। उसके बाद विनय ने देहरादून में रहने वाले अपने रिश्तेदार को फोन कर सुंदर होटल जाकर जानकारी देने की बात कही। रिश्तेदार डेढ़ घंटे बाद करीब पौने छह बजे होटल में पहुंचा। चीख सुनकर घबरा गया रिश्तेदार
विनय के मुताबिक रिश्तेदार ने बताया कि कमरे की कुंडी अंदर से बंद थी। अंदर से चीखने की आवाज उसने सुनी। जिसे सुनकर एक पल को वह घबरा गया। उसके बाद उसने होटल मैनेजर को बताया। रिश्तेदार ने देहरादून एसएसपी को कॉल की और इसकी जानकारी दी। एसएसपी देहरादून ने स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों की लाश पंखे पर लटकी थी।
सिविल लाइन पुलिस पर गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर सिविल लाइन पुलिस तत्काल देहरादून पुलिस से संपर्क कर होटल की जानकारी दे देती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। लेकिन मेरठ पुलिस ने ऐसा नहीं किया। मेसेज को देखा और उसे अपने पास रख लिया। इसकी शिकायत पीड़ित परिवार पुलिस अधिकारियों से करेंगे।
देहरादून पहुंची सिविल लाइन पुलिस
विनय की तहरीर पर शिवानी के अपहरण का केस सिविल लाइन थाने में दर्ज है। प्रेमी युगल के आत्महत्या करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपी मनोज शर्मा के परिजनों से संपर्क किया। पुलिस देहरादून भी मनोज शर्मा के परिजनों के साथ गई। आरोप है कि शिवानी के परिजनों से पुलिस ने बात करना मुनासिब नहीं समझा। इसको लेकर पीड़ित परिवार में आक्रोश है।
मुकदमे में लगेगी एफआर
इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा ने बताया कि युवती के अपहरण का मुकदमा थाने में दर्ज था। आरोपी के परिजनों ने थाने में लिखकर दिया था कि मनोज शर्मा से उनका कोई रिश्ता नहीं है। दोनों ने सुसाइड कर लिया। अब इस मामले में पुलिस एफआर लगा देगी। पुलिस पर लगाए आरोप निराधार हैं।