महज 30 रुपये का लालच देकर एक नट ने मासूम का अपहरण कर लिया। छह माह तक उससे भीख मंगवाई और साथ में मजदूरी भी करवाई। उसे लिल्ली घोड़ी बनाकर खेल दिखवाता था। यही नहीं, घर जाने के नाम पर मासूम की जमकर पिटाई करता था व उससे चार लाख रुपये लाने की बात भी कहता था।
पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने काफी प्रयास के बाद शनिवार को बच्चे सकुशल उसके चंगुल से छुड़ाने के साथ ही आरोपी नट को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया जहां से वह जेल भेजा गया है।
पुलिस लाइन में एएसपी दक्षिणी शफीक अहमद ने बताया कि जैदपुर थानाक्षेत्र के ग्राम हरख के निवासी महाराज देवी शंकर के पुत्र महाराज उत्तरादित्य उर्फ मुन्नू (13) 4 दिसंबर 2015 को हरख में स्थित एक मांटेसरी स्कूल से घर लौट रहा था।
तभी खेल दिखाने वाले एक नट ने बालक को तीस रुपये का लालच देकर उसे बहलाया-फुसलाया और वहां से हैदरगढ़ लेकर चला गया था। इसके बाद आरोपी बच्चे को वहां से लेकर उन्नाव पहुंचा। जहां पर बच्चे को करतब सिखाए और उसके बाद बांदा, हमीरपुर, कानुपर, इलाहाबाद जैसे शहरों में बच्चे से मेलों, बाजार व गांव-कस्बों में लिल्ली-घोड़ी व सर्कस दिखाता था।
बच्चे से मंगवाता था भीख
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आरोपी ने पूछताछ में बताया सर्कस का काम कभी-कभी होता था। इसलिए बच्चे से रोज भीख मंगवाता था और जरूरत पड़ने पर उससे मजदूरी भी करवाई। एएसपी दक्षिणी ने बताया कि जैदपुर पुलिस ने जब से बच्चे की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया है तभी से उसे खोजने का प्रयास कर रही थी किन्तु कुछ पता नहीं चल रहा था।
घूम-घूम कर एक जिले से दूसरे जिले में सर्कस दिखाने वाले नट का मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर नहीं लगता था। लेकिन पुलिस ने काफी प्रयास के बाद शनिवार की सुबह आरोपी रईस पुत्र हुसैन मोहम्मद निवासी चंदनखेड़ा जनपद उन्नाव को सफदरगंज थानाक्षेत्र में प्यारेपुर गांव के पास पकड़कर उसके चंगुल से बच्चे को सकुशल छुड़ा लिया है।
इस मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे एसओ जैदपुर अशोक कुमार, क्राइम ब्रांच सर्विलांस सेल से सुधीर सिंह, अशोक कुमार मिश्रा, भीम सिंह, हरिनायन सिंह, जितेंद्र सिंह, संजीव सिंह आदि पुलिस टीम को एसपी अब्दुल हमीद ने पांच हजार का पुरस्कार दिया है।