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नगर निकाय चुनावः दो लाख रुपये से अधिक मिला कैश तो होगा जब्त

Sat, 11 Nov 2017 03:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो
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राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के दौरान दो लाख रुपये से अधिक कैश लेकर चलने पर रोक लगा दी है। जांच के दौरान किसी वाहन में या व्यक्ति के पास दो लाख रुपये से अधिक मिलने पर इसे जब्त कर लिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त सतीश कुमार अग्रवाल के अनुसार चुनाव चिह्न आवंटित होने के साथ ही जांच शुरू कर दी जाएगी।
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प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की ओर से मतदाताओं को लालच देने के लिए रुपये बांटने की शिकायतों के बाद यह फैसला किया गया है। सभी जिलाधिकारियों को इसके लिए उड़नदस्ते गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक उड़नदस्ते में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट व एक दरोगा स्तर के पुलिस अधिकारी के साथ ही वीडियोग्राफर भी रहेंगे।

चेकिंग के दौरान बिना उचित कारण के दो लाख रुपये से अधिक मिलने पर मतदाताओं को रिश्वत देने के लिए इसका इस्तेमाल मानते हुए रकम जब्त कर ली जाएगी। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ ही आयकर विभाग को भी सूचना दी जाएगी। पहले चरण के 24 जिलों में यह व्यवस्था 22 नवंबर की शाम 5 बजे तक, दूसरे चरण के 25 जिलों में 26 नवंबर की शाम 5 बजे तक और तीसरे चरण के 26 जिलों में 29 नवंबर की शाम 5 बजे तक जांच की जाएगी।
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उड़नदस्ते की ओर से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट जिला स्तरीय समिति को दी जाएगी। समिति के परीक्षण के बाद ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को चुनाव खर्च की शिकायतों के लिए नियंत्रण कक्ष खोलने के निर्देश भी दिए हैं। इन शिकायतों का निपटारा जिला स्तरीय समिति करेगी।
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ये पहचान पत्र दिखाकर दे सकेंगे वोट

डेमो - फोटो : डेमो
आयोग ने दिव्यांगों, बुजुगों और दृष्टिहीनों के लिए मतदान केंद्रों पर अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। दिव्यांगों के लिए मतदान केंद्रों पर रैम्प बनाने और 5 साल तक के बच्चे के साथ आने वाली महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था करने को कहा गया है।  राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान के लिए आवश्यक पहचान पत्रों की सूची जारी की है।

इनमें मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट, डाइविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, राज्य एवं केंद्र सरकार के सरकारी विभाग, स्थानीय निकायों, पब्लिक लिमिटेड कंपनी की ओर जारी कर्मचारी पहचान पत्र, बैंक व पोस्ट ऑफिस की पासबुक, पेंशन पासबुक, फोटोयुक्त भूमि-भवन का पट्टा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पहचान पत्र, शस्त्र लाइसेंस, फोटोयुक्त दिव्यांग प्रमाण पत्र और राशन कार्ड शामिल हैं। मतदाता इनमें से कोई एक पहचान पत्र देखकर वोट दे सकेंगे। 
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