मारुति सुजुकी के पूर्व सीएमडी जगदीश खट्टर अब कार्नेशन ऑटो इंडिया के एमडी और सीईओ हैं।
अपनी कंपनी के नए आउटलेट के शुभारंभ के मौके पर दून पहुंचे खट्टर पत्रकारों से भी रूबरू हुए। प्रेम जी इंवेस्ट्स और आईएफसीआई वेंचर्स से 108 करोड़ रुपए और गजा कैपिटल के 85 करोड़ रुपए की राशि के सहारे उन्होंने देश भर में मल्टी ब्रांड सॉल्यूशन हब स्थापित किए हैं।
अब उत्तराखंड की राजधानी दून के जरिए वह यूपी के ग्राहकों को भी खींचने की योजना बनाए हुए हैं। जगदीश खट्टर की कंपनी किस तरह उनके कारोबार की दूसरी कंपनियों से अलग है और क्या है उनकी योजना, जानिए उनसे हुए सवाल-जवाब के जरिए...
प्र. कार बाजार या दूसरे यूज्ड कारों के कारोबार से कार्नेशन किस तरह अलग है?
उ. साल भर की वारंटी, पारदर्शी एक्सचेंज डील, स्पष्ट दस्तावेज, बीमा नवीनीकरण, मैकेनिकल और बाडी रिपेयर को वर्कशाप आन व्हील जैसी खूबियां हैं, जो कार्नेशन को दूसरे यूज्ड कार कारोबार से अलग करती हैं।
इसका क्वालिटी चेक बेहतरीन है। दूसरे, किसी भी परेशानी की स्थिति में केवल एक फोन पर सर्विस आपके पास पहुंचती है। वह भी 24×7। हर माडल और मेक की गाड़ी यहां मिलेगी। आखिर ग्राहक को और क्या चाहिए? उसका भरोसा सबसे अहम है।
प्र. यूज्ड कारों की तरफ रुख करने की वजह? इसका क्या मार्केट देखते हैं?
उ. अपने ही देश की बात करूं तो यहां प्री ओन्ड कार इंडस्ट्री 18-20 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। आज हाल यह है कि अगर दो लाख नई कारें बिक रही हैं तो दो लाख 20 हजार पुरानी।
विदेशों में अगर दो लाख नई बिक रही हैं तो चार-पांच लाख तक पुरानी कारें। साफ है कि बाजार इंतजार कर रहा है। आर्गेनाइज्ड यूज्ड कार सेक्टर 40 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रहा है। यह अच्छा संकेत है। वृद्धि दर खुद इसका मार्केट बताती है।
कारों के एंट्री लेवल के 30 प्रतिशत खरीदार इसी बाजार के हैं। यही वजह है कि अगले दो साल में नेटवर्क के 200 तक पहुंचने का लक्ष्य है।
प्र. क्या महंगाई भी एक कारण है यूज्ड कारों का बाजार बढ़ने का?
उ. निश्चित रूप से। अगर कम खर्च करके ग्राहक को एक बेहतरीन और हाई माडल की कार मिल जा रही है तो उसे खुशी ही होगी। ऐसे में सर्टिफाइड यूज्ड कार की तरफ उसका रुझान बढ़ेगा ही।
1994-95 में मैं जब मारुति में था 60 फीसदी सेकंड हैंड गाड़ियां रिश्तेदारों के बीच बिकती थी। लोगों में इस तरह की गाड़ियों पर भरोसा कम था। दूसरे यह मार्केट आर्गेनाइज्ड भी नहीं था।
मारुति ने इसके बाद ट्रू वैल्यू की शुरुआत की। आज ज्यादातर बड़ी कंपनियां ग्राहकों के बेहतर रिस्पांस को देखते हुए प्री ओन्ड कार बाजार में हैं।
प्र. उत्तराखंड में दून में खोले इस आउटलेट के जरिए कैसा बाजार देख रहे हैं?
उ. दून में खोले गए इस आउटलेट के माध्यम से केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर जैसी आस-पास की जगहों के खरीदारों पर भी ध्यान केंद्रित करने की तैयारी है।
यह भी यूज्ड कारों का बड़ा बाजार है। बेहतरीन सेल्स और आफ्टर सेल्स सर्विस के बूते इन ग्राहकों को कार्नेशन की तरफ खींचने की योजना है।