आगामी विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को मुख्यमंत्री रघुबर दास की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गये हैं। कैबिनेट की इस बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि सरकारी कर्मियों को गलती से दिया गया अधिक वेतन अब वसूला नहीं जाएगा। यह केवल ग्रुप-सी और डी के कर्मियों पर लागू होगा।
बता दें कि झारखंड सरकार ने कोर्ट के फैसले के आधार पर वित्त एवं योजना विभाग ने सरकारी कर्मियों को गलत निर्धारण की वजह से वेतन व भत्ता अधिक दिए जाने पर वसूली की नीति बनाई है। इस नीति के तहत 5 विशेष परिस्थितियों में अधिक वेतन भुगतान होने पर वसूली नहीं की जाएगी।
इसमें कर्मचारी द्वारा अधिक राशि लेने के लिए संलिप्तता, सहभागिता, धोखाधड़ी या तथ्य को नहीं छुपाया गया हो, तो ऐसी स्थिति में वसूली नहीं की जाएगी। इसके अलावा सेवानिवृत्त या 1 साल के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मी एवं जिनको 5 साल से ज्यादा समय तक भुगतान किया गया हो व उच्चतर पद पर प्रभार में रहने पर गलती से उस पद का भुगतान किया गया हो, ऐसे मामलों में ज्यादा भुगतान किया गया वेतन वापस नहीं वसूला जाएगा। वहीं वसूली के निर्धारण के लिए विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। जो वसूली संबंधित मामलों को देखेगी।
इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में कई अन्य फैसले भी लिए गए, जिनमें झाप्रसे के तत्कालीन बीडीओ अमेरिकन रविदास को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति, जल संसाधन विभाग में संवेदकों का निबंधन के लिए झारखंड जल संसाधन संवेदक निबंधन नियमावली- 2018 को मंजूरी, झारखंड अवर खनन अभियंत्रण सेवा (संशोधन) नियमावली- 2018 को मंजूरी, धनबाद जिला के बरमसिया व भुदा में 0.7454 एकड़ भूमि 5.49 करोड़ रुपये में रेल मंत्रालय को दिए जाने की मंजूरी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार में काम कर रहे 9 कर्मियों की 2019 तक सेवा विस्तार की मंजूरी और नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन में संविदा पर कार्यरत 8 कर्मियों की सेवा नियमित करने की मंजूरी दी गई।