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डीएम से पंगा लेना भारी पड़ा

Fri, 23 Mar 2018 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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policemen forcing shopowner - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कब्जेदारी के एक मुकदमे में डीएम को पार्टी बनाना दुकानदार को भारी पड़ गया। डीएम के आदेश पर अतिक्रमण दस्ते ने रोडवेज बस अड्डे के पास विवादित दुकान को ढहा कर सामान ट्रैक्टर से पालिका भिजवा दिया। इस दौरान दुकानदार के परिवार एक महिला जेसीबी के आगे लेट गई। साथ आईं परिवार की अन्य महिलाएं दुकान न तोड़ने की गुहार लगाती रहीं। जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट व एआरएम की देखरेख में अभियान चलाया गया।
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बस अड्डे की जमीन पर करीब 25-20 अवैध दुकानें हैं। पहले गेट के पास महेंद्र गुप्ता उर्फ नन्हे की दुकान पर भाई पंकज गुप्ता ने मुकदमा कर रखा है। मामले में जिलाधिकारी को भी पार्टी बनाया गया है। जिलाधिकारी मोनिका रानी के निर्देश पर शुक्रवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट जेके जैन, एआरएम विजय गंगवार पुलिस व पालिका कर्मियों के साथ महेंद्र गुप्ता की दुकान तुड़वाने पहुंच गए। दुकान तोड़े जाने की सूचना पर महेंद्र के घर की महिलाएं भी आ गईं। जैसे ही जेसीबी ने दुकान की तरफ मुख किया तो वैसे हीं दुकानदार के घर की एक महिला जेसीबी के आगे लेट गई व महिलाएं जेसीबी के सामने खड़ी हो गईं। इस दौरान महेंद्र गुप्ता, भाई दीपक और राहुल ने एआरएम पर कई आरोप लगाए। महेंद्र गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट में 4 अप्रैल को मामले की सुनवाई होनी है, इससे पहले ही प्रशासन ने किस आधार पर दुकान तुड़वा दी। वह कोर्ट में शिकायत करेगा। एआरएम विजय गंगवार ने बताया कि विवादित दुकान थी, जिसमें जिलाधिकारी भी पार्टी थीं। इसी वजह से दुकान को पहले तुड़वा दिया गया है। अन्य अवैध दुकानों को भी जल्द तुड़वाने का अभियान चलाया जाएगा। दुकानदार जो आरोप लगा रहे हैं। वह गलत हैं।

 
रोडवेज बस अड्डा पर अवैध तरीके से दुकानें बनाए दुकानदारों में भी इस कार्रवाई के बाद से दहशत है। महेंद्र गुप्ता की दुकान तोड़ने के दौरान कई दुकानदार सहमे-सहमे नजर आए। कई दुकानदार तो झुंड बनाकर एक-दूसरे से चर्चा करते नजर आए। ब्यूरो
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