गैग्स ऑफ वासेपुर से लाइम लाइट में आए तिग्मांशु धूलिया की मां सुमित्रा धूलिया की तमन्ना है कि वह उत्तराखंड की सभ्यता और संस्कृति पर फिल्म बनाएं ताकि रुपहले परदे पर इस हिमालयी राज्य को भी पहचान मिले।
वह चाहती हैं कि यहां के कलाकारों के हौसलों को नई उड़ान मिल सके। वंसत विहार निवासी सुमित्रा धूलिया ने अमर उजाला को पर बताया कि बेटा अक्सर मार-धाड़ वाली फिल्में बनाता है। ऐसे मैं चाहती हूं कि वह उत्तराखंड में फिल्म बनाए। फिल्म में यहां के शहीदों के साथ खास विषयों को उठाए।
मुंबई पहुंचकर मां ने बेटे तिशु से इस मुद्दे पर गहन मंत्रणा की। मां की इस सलाह से प्रभावित तिग्मांशु ने भी अब उत्तराखंड में काम करने की इच्छा जताई है।
मां ने बेटे को थीम भी दे दिया
मां सुमित्रा धूलिया ने बेटे से कहा कि श्रीदेव सुमन पर फिल्म बनाई जा सकती है। रामी बौराणी, राजुला-मालूशाही सहित उत्तराखंड की ऐसी कई कहानियां हैं जिन पर काम किया जा सकता है। सुमित्रा ने उम्मीद जताई कि उनका बेटा जल्द यहां के किसी विषय पर फिल्म बनाएगा और स्थानीय कलाकारों को भी मौका देगा।
अक्सर भइया से कहती हैं
अम्मा तो अक्सर भइया से कहती है कि गढ़वाली विषयों को उठा, इन पर फिल्म बना। तिग्मांशु के वसंत विहार स्थित घर में काम करने वाले चंद्रशेखर ने बताया कि अम्मा अपने बेटे तिशु से कहती हैं कि तू कब उत्तराखंड पर फिल्म बनाएगा।
आंचलिकता को भी मिले मौका
रंगकर्मी अभिषेक मैंदोला का कहना है कि तिग्मांशु धूलिया की फिल्मों की कहानी अक्सर इलाहाबाद-कानपुर के आसपास घूमती है। यहां के कलाकारों को भी उनसे उम्मीद है कि गढ़वाली आंचलिकता को लेकर वह फिल्म बनाएं और स्थानीय लोगों को अभिनय का मौका दें। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।