भारतीय मूल के यूके के स्लो से सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी का कहना है कि पिछले दिनों भारत में रेप जैसी घटनाओं से देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस कारण यूके से भारत आने वाले पर्यटक भी प्रभावित हुए हैं। सांसद ढेसी अपने चाचा अकाली दल के नेता परमजीत सिंह रायपुर के साथ जालंधर में थे और मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
रेफरेंडम 2020 पर सांसद ढेसी ने कहा कि यूके में हर किसी को बोलने की आजादी है। इसलिए रेफरेंडम 2020 को रोका नहीं जा सकता था। हर देश में अपना कानून होता है। दुनिया में हर किसी की अपनी विचारधारा है, जो लोग रेफरेंडम 2020 से सहमत हैं, वह उनके साथ जुड़े हैं और जो लोग खिलाफ हैं, वह उनका विरोध कर रहे हैं।
मॉब लींचिंग की बढ़ती घटनाओं के बारे में पूछे गए सवाल पर ढेसी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से हर देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का लगता ही है। उन्होंने कहा कि जैसे पिछले दिनों भारत में रेप की भयभीत करने वाली घटनाएं हुईं। इससे यूके से भारत आने वाले सैलानी प्रभावित हुए। महिलाओं में खौफ पैदा हो जाता है। भारत में अल्पसंख्यकों, धर्म व जातिवाद बढ़ने की घटनाओं पर सांसद ढेसी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से देश की छवि को हमेशा नुकसान होता है।
यूके और अमृतसर के बीच सीधी फ्लाइट से होगा फायदा
सांसद ढेसी ने कहा कि उनका प्रयास है कि लंदन हीथ्रो और अमृतसर के बीच सीधी एयर इंडिया की उड़ान शुरू की जा सके। अभी तक हीथ्रो के लिए दिल्ली से दो उड़ानें हैं। एक फ्लाइट अमृतसर से शुरू करने का प्रस्ताव उन्होंने केंद्रीय उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि पंजाबी प्रवासी, प्रमुख व्यक्तियों और संगठनों जैसे अमृतसर विकास मंच अमृतसर और ब्रिटेन के बीच सीधी उड़ानों के लिए कई वर्षों से मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया था, लेकिन अब उम्मीद है कि उनके द्वारा शुरू किये गए उच्च स्तरीय अभियान के साथ, हम सफलता प्राप्त करेंगे। ढेसी ने कहा कि यूके और अमृतसर के बीच सीधी उड़ान शुरू होने से पंजाबियों को फायदा होगा। वहीं, दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को भी काफी लाभ होगा।
ऑपरेशन ब्लू स्टार के दस्तावेज सार्वजनिक कराएंगे
तनमनजीत ढेसी चार वर्षों से ब्रिटेन की संसद में 1984 में श्री दरबार साहिब पर हुई सैनिक कार्रवाई के मामले में ब्रिटेन सरकार की भूमिका को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों को 30 वर्षों के बाद सार्वजनिक किए जाने का प्रावधान है। लेकिन कुछ कारणों से सरकार इन दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं कर रही है।
उन्हें इस मामले में सत्ताधारी पार्टी के सांसदों के साथ साथ कुछ विपक्षी पार्टियों का भी समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि अगर ब्रिटेन सरकार ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं करती तो वह ब्रिटेन में होने वाले आम चुनावों में इसे चुनावी मुद्दा बनाएंगे।