लक्ष्य निर्धारित कर युवा टाइम टेबल बनाएं और मेहनत में जुट जाएं। अगर एक बार असफल रहे तो निराश न होकर दोगुना मेहनत के साथ दोबारा मेहनत करें, मंजिल खुद ही मिल जाएगी। मेहनत से किया हर कार्य पूरा होता है। यह कहना है आईएस अधिकारी श्वेता बनिक का। वह उपमंडल चंबा के कार्यकारी उपमंडलाधिकारी के तौर पर कार्य कर रही हैं। श्वेता के मुताबिक आईएएस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए शेड्यूल बनाना जरूरी है।
उन्होंने भी करीब नौ घंटे लगातार पढ़ाई की है। बिना कोचिंग ही आईएएस की परीक्षा पास की। उन्होंने मात्र 23 साल की उम्र में आईएएस परीक्षा पास की। श्वेता बनिक ने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 2011 में ग्रेजुएशन की। इसके बाद 2013 में आईएएस पास की। श्वेता के मुताबिक उनके पिता केएस बनिक और माता जुमाता बनिक का सपना था कि वह आईएएस की पढ़ाई करें।
दसवीं तथा जमा दो की पढ़ाई बंगाल में पूरी की है। इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए परिवार ने काफी मदद की है। श्वेता ने युवाओं को संदेश दिया कि जिस भी विषय को वह अपने कैरियर के रूप में चुन रहे हैं, उसमें मन लगाकर पढ़ाई करें। इससे उन्हें जल्द लक्ष्य की प्राप्ति होगी।
चंबा में प्रशिक्षण के दौरान दे रहीं सेवाएं
हाल ही में वर्ष 2013 में आईएएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन दिनों चंबा में प्रशिक्षण के तौर कार्य कर रही हैं। इससे पहले एक माह शिमला में भी प्रशिक्षण के दौरान कार्य कर चुकी हैं। जिला चंबा में प्रशिक्षण के दौरान बहुत कुछ सीखने को मिला है। उनका कहना है कि पढ़ाई के बाद देश सेवा करने का सपना था। इसके लिए कड़ी मेहनत की है।