बीएड विभाग की ओर से शिक्षा के व्यवसायीकरण का बढ़ता प्रभाव विषय पर गोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि प्रबुद्ध भारत के संपादक स्वामी नरसिंहानंद ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को व्यक्ति के निर्माण पर केंद्रित किया था। वह वर्तमान में भी प्रासंगिक है।
प्राचार्य प्रो.केकेएस नेगी की अध्यक्षता और सुचिता जोशी के संचालन में हुई गोष्ठी में ओम जन विकास समिति के निदेशक नवीन मुरारी ने सरकारी सिस्टम की खराबी को शिक्षा के निजीकरण का जन्मदाता बताया। शिक्षक गोविंद बोहरा ने सरकारी विद्यालयों की बदहाली के लिए शिक्षक को नहीं, बल्कि मंत्रियों और सरकार को दोषी बताया। बीएड विभागाध्यक्ष डा. एके द्विवेदी ने शैक्षिक क्षेत्र में राजनीति से हटकर सोचने की जरूरत बताई। वहीं बीएड समन्वयक डा.एसपी शर्मा, डा.सीएस जोशी ने भी प्रभावी विचार रखे।
शिक्षक छात्र हेमंत बिष्ट, रतन धामी, अमित उप्रेती, गीतांजलि जोशी, दीपा भट्ट, नीरज जोशी ने विचार रखे। इस अवसर पर आरडी नौटियाल, दीपक चंद्र, स्वाति जोशी, मनीषा नरियाल, सरोज यादव, स्वाती मलकानी भी मौजूद थी। प्राचार्य प्रो.नेगी, विभागाध्यक्ष डा.द्विवेदी और सचिन जोशी ने सभी स्वागत के प्रति आभार जताया।