उच्च शिक्षा यानी स्कूल के बाद की शिक्षा पर उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों यानी 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में लोग संतुष्ट नज़र आते हैं। चाहे वो सरकारी कॉलेज हों या फिर निजी।
सर्वेक्षण में शामिल तीन चौथाई लोगों को इस बात का संतोष है कि उनके शहर में पर्याप्त शैक्षिक संस्थान हैं। 62 प्रतिशत लोग मानते हैं कि उनके शहर में शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षण संस्थानों का स्तर, शैक्षिक संसाधन, रिसर्च सपोर्ट, शिक्षकों एवं छात्रों का अनुपात और शिक्षकों का कामकाज ठीक-ठाक है। इनमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी और इलाहाबाद जैसे शहर शामिल हैं।
लेकिन ये आंकड़े छोटे यानी 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए लागू नहीं होते। मेरठ, मुरादाबाद और गोरखपुर जैसे शहर के लोगों की संतुष्टि इस मामले में औसत से कम ही है। लेकिन एक बात जिस पर हर शहर के लोग बराबरी से शिकायत करते हैं, वह है उच्च शिक्षा के बाद भी रोज़गार के अवसरों की कमी।
सर्वेक्षण में शामिल 50 प्रतिशत लोगों में इस बात को लेकर बेहद निराश हैं कि रोजगार दिलाने में उनकी डिग्रियां बेमानी साबित हो रही हैं।