कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर की। इस मौके पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि विद्या भारती के विद्यालय न सिर्फ बच्चाें को संस्कार देते हैं बल्कि यहां के पढ़े छात्र - छात्राएं देश भर मेें कुछ भी करने का जज्बा हासिल करते हैं । उन्हाेंने छात्रों को बताया कि छात्राें को कई भाषाआें का ज्ञान होना चाहिए। लेकिन इसके साथ ही हमें हमारी मातृ भाषा का ज्ञान भी होना बेहद जरूरी है। उन्हाेंने कहा कि आज इंग्लिश मीडियम में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र - छात्राएं हिंदी नहीं समझ पाते हिंदी में बात नहीं करते। जो बेहद ही कष्ट की बात है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि शिक्षक, आचार्य और माता पिता देश के बड़े पदों पर पहुंचकर नाम रोशन कर रहे हैं। इससे टीचरों को गर्व महसूस होता है। साथ ही अभिभावकाें को भी यह ध्यान देना चाहिए कि छात्र स्कूल में मात्र छह से आठ घंटा ही रहता है। जबकि शेष समय वह घर और समाज के मध्य व्यतीत करता है। इसलिए अभिभावकों की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे जिससे आगे चलकर वह एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। इस मौके पर योगेश मिश्रा, नीरज गुप्ता, अमित शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष चक्रपाणि त्रिपाठी, पंकज तिवारी आदि मौजूद रहे।