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बनभूलपुरा के बच्चों की पीड़ा: आग लगाई उपद्रवियों ने, भुगत रहे मासूम...स्कूल के बजाय घरों में हैं कैद

Tue, 13 Feb 2024 03:18 PM IST
हीरा मेहरा अंशुल डांगी, संवाद

सार

Haldwani violence News: अब हल्द्वानी हिंसा का असर बनभूलपुरा में रहने वाले बच्चों पर भी पड़ रहा है। यहां रहने वाले बच्चे अपने-अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। स्कूल बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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बनभूलपुरा के बच्चों की पीड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बनभूलपुरा में उपद्रवियों की करतूत से नौनिहाल परेशान हैं। स्कूल जाने वाले ये मासूम अब डर और दहशत के साये में घरों में कैद होकर रह गए हैं। बोर्ड परीक्षा वाले बच्चे भी इस हिंसा के बाद बाहर नहीं निकल पा रहे हैं जिससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। क्षेत्र के स्कूल बंद होने के कारण सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है।

बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। स्कूलों में प्रैक्टिकल भी चल रहे हैं। बनभूलपुरा के बच्चों के लिए यह समय काफी मुश्किल हो रहा है। हिंसा के बाद घरों में कैद बच्चे न तो अच्छी तरह से पढ़ पा रहे हैं और न ही परीक्षा की तैयारियां कर पा रहे हैं। डर और चिंता में डूबे बच्चों को उनके परिजन किसी तरह समझाने की कोशिश कर रहे हैं। 

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अपनी-अपनी पीड़ा
1-
बियरशिवा स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे अमान के साथी स्कूल जा रहे हैं, लेकिन वह घर में कैद हैं। कहते हैं कि नेट बंद है इसलिए ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले सकते। पहली बार ऐसा देखा है इसलिए पढ़ाई के दौरान भी वो मंजर सामने आ जा रहा है। इससे पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है।
2- इंस्प्रेशन स्कूल में 12वीं में पढ़ने वाली तैयबा नूरी का मंगलवार को प्रैक्टिकल होना है। तैयारी भी कर रही हैं, लेकिन जाएंगी कैसे यह पता नहीं है। किसी तरह पढ़ाई में मन तो लगा रही हैं, लेकिन परीक्षा छूट जाने का डर भी सता रहा है।
3- इंस्प्रेशन स्कूल में ही 10वीं कक्षा के छात्र रजा के 14 फरवरी से बोर्ड के प्रैक्टिकल होने हैं। हिंसा के बाद से वह काफी डर गए हैं। अच्छी तरह से पढ़ भी नहीं पा रहे। समझ नहीं आता कि परीक्षा में क्या होगा।

दो छात्राओं के चेहरे की खुशी
सोमवार को कई स्कूलों में प्रैक्टिकल थे। सुबह करीब सवा 10 बजे डरी-सहमीं सेंट थेरेसा स्कूल की दो छात्राएं स्कूल ड्रेस में बनभूलपुरा थाने से ताज चौराहे की ओर आते हुए नजर आईं। ताज चौराहे से पहले मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद दोनों छात्राओं को बाहर जाने दिया। जैसे ही बेरिकेडिंग से दोनों छात्राएं बाहर निकली, उनके चेहरे पर सुकून नजर आया।

बंद पड़े हैं सरकारी स्कूल
कर्फ्यू के कारण बनभूलपुरा क्षेत्र के सभी स्कूल बंद हैं। मुख्य सड़क पर ललित आर्य महिला इंटर कॉलेज, लाइन नंबर 17 में बालिका इंटर कॉलेज, बालक इंटर कॉलेज, हाईस्कूल गांधीनगर सहित 1 जूनियर हाईस्कूल, तीप प्राइमरी स्कूल हुए हैं। इनमें करीब ढाई हजार छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। कई की बोर्ड परीक्षाएं भी होनी हैं और गृह परीक्षाएं भी मगर उपद्रवियों के कारण इन स्कूलों में भी ताले लटके हुए हैं।

अंदर फंसे हैं सरकारी कर्मचारी
बनभूलपुरा में लगे कर्फ्यू में सरकारी कर्मचारी भी फंसे हुए हैं। क्षेत्र में कई शिक्षक हैं, जिनकी तैनाती लालकुआं, कालाढूंगी, काठगोदाम सहित शहर के कई स्कूलों में हैं। अन्य विभागों के कर्मचारी भी इन क्षेत्रों में कार्यरत हैं मगर न तो इन कर्मचारियों के लिए पास की व्यवस्था की गई है और न ही छुट्टी के संबंध में कोई आदेश हैं। इस कारण कर्मचारी असमंजस में हैं।

 

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कर्फ्यू लगा होने के कारण स्कूल बंद हैं, लेकिन किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होगा। प्रैक्टिकल से वंचित बोर्ड परीक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए अलग से व्यवस्था ही जाएगी। इस संबंध में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को भी निर्देशित किया जाएगा।- हरेंद्र मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी
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