बनभूलपुरा में उपद्रवियों की करतूत से नौनिहाल परेशान हैं। स्कूल जाने वाले ये मासूम अब डर और दहशत के साये में घरों में कैद होकर रह गए हैं। बोर्ड परीक्षा वाले बच्चे भी इस हिंसा के बाद बाहर नहीं निकल पा रहे हैं जिससे उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। क्षेत्र के स्कूल बंद होने के कारण सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है।
बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। स्कूलों में प्रैक्टिकल भी चल रहे हैं। बनभूलपुरा के बच्चों के लिए यह समय काफी मुश्किल हो रहा है। हिंसा के बाद घरों में कैद बच्चे न तो अच्छी तरह से पढ़ पा रहे हैं और न ही परीक्षा की तैयारियां कर पा रहे हैं। डर और चिंता में डूबे बच्चों को उनके परिजन किसी तरह समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
अपनी-अपनी पीड़ा
1- बियरशिवा स्कूल में कक्षा 10वीं में पढ़ रहे अमान के साथी स्कूल जा रहे हैं, लेकिन वह घर में कैद हैं। कहते हैं कि नेट बंद है इसलिए ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले सकते। पहली बार ऐसा देखा है इसलिए पढ़ाई के दौरान भी वो मंजर सामने आ जा रहा है। इससे पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है।
2- इंस्प्रेशन स्कूल में 12वीं में पढ़ने वाली तैयबा नूरी का मंगलवार को प्रैक्टिकल होना है। तैयारी भी कर रही हैं, लेकिन जाएंगी कैसे यह पता नहीं है। किसी तरह पढ़ाई में मन तो लगा रही हैं, लेकिन परीक्षा छूट जाने का डर भी सता रहा है।
3- इंस्प्रेशन स्कूल में ही 10वीं कक्षा के छात्र रजा के 14 फरवरी से बोर्ड के प्रैक्टिकल होने हैं। हिंसा के बाद से वह काफी डर गए हैं। अच्छी तरह से पढ़ भी नहीं पा रहे। समझ नहीं आता कि परीक्षा में क्या होगा।
बंद पड़े हैं सरकारी स्कूल
कर्फ्यू के कारण बनभूलपुरा क्षेत्र के सभी स्कूल बंद हैं। मुख्य सड़क पर ललित आर्य महिला इंटर कॉलेज, लाइन नंबर 17 में बालिका इंटर कॉलेज, बालक इंटर कॉलेज, हाईस्कूल गांधीनगर सहित 1 जूनियर हाईस्कूल, तीप प्राइमरी स्कूल हुए हैं। इनमें करीब ढाई हजार छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। कई की बोर्ड परीक्षाएं भी होनी हैं और गृह परीक्षाएं भी मगर उपद्रवियों के कारण इन स्कूलों में भी ताले लटके हुए हैं।