गोरखपुर में बनाए जाने वाला चिड़ियाघर वैसे तो बेहद खास है लेकिन इसकी महत्ता सोमवार (तीन फरवरी) को और भी बढ़ जाती है। इस दिन पूरे विश्व में वेटलैंड डे और बर्ड वॉचिंग डे मनाया जाएगा। गोरखपुर चिड़ियाघर में 34 एकड़ में बनाया गया प्राकृतिक ‘वेटलेंड माउंट’ एवं ‘पक्षी विहार संगम’ पूरे प्रदेश में अनूठेपन के चलते पहले स्थान पर है। इसका निर्माण बहुत तेजी से किया जा रहा है। चिड़ियाघर जब बनकर तैयार होगा तो वाकई कई मामलों में यह देश ही नहीं प्रदेश में सबसे अनोखा एवं उच्च गुणवत्ता से परिपूर्ण चिड़ियाघर होगा।
प्राचीन विरासत को समेटे हुए पर्यटन के मानचित्र पर गोरखपुर चिड़ियाघर के एक ओर रामगढ़ ताल है तो दूसरी तरफ 34 एकड़ विशाल क्षेत्रफल में फैला चिड़ियाघर का वेटलैंड एरिया। चिड़ियाघर में इसे लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। वेटलैंड के बीचों-बीच देशी विदेशी पक्षियों के साथ घूमने वाले पर्यटक सुकून का अनुभव करेंगे।
यही नहीं पक्षियों के ठहराव के लिए वेटलैंड एरिया में खास इंतजाम भी हो रहे हैं। इसके बीच में सात माउंट ( टीले/ टापू) बनाए जा रहे हैं। इनपर पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर के पेड़ लगाए जा रहे हैं ताकि पक्षियों को उनकी रिहाइश के अनुकूल माहौल मिले और भोजन का भी प्राकृतिक इंतजाम हो जाए। इस वेटलैंड और उनमें लगे जंगल में पक्षियों व अन्य जीव-जंतुओं की 49 प्रकार की प्रजातियां हैं। इस 1.21 एकड़ के प्राणी उद्यान को अदालत के आदेश पर 150 एकड़ जमीन और मिलने की संभावना बन रही है जिसमें सिर्फ पौधे ही लगाए जा सकेंगे। ऐसे में शहर के बीच में एक हरियाली से भरा एक बड़ा क्षेत्र हो जाएगा।
40 फीसदी से अधिक होगी यहां हरियाली
चिड़ियाघर में वेटलैंड के 34 एकड़ हिस्से को हरित वेटलैंड, रामगढ़ झील और निर्माणाधीन चिड़ियाघर का 41 फीसदी हिस्सा हरियाली में तब्दील कराया जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए क्यारियां और अन्य निर्माण कराए जा रहे हैं। चिड़ियाघर के पांच मीटर तक के क्षेत्र को ग्रीन बेल्ट के रुप में विकसित किया जाएगा। वेटलैंड के बीचों बीच सात माउंट बनकर तैयार हो गए हैं। माउंट बन जाने से वेटलैंड की खूबसूरती और बढ़ जाएगी।
चिड़ियाघर में प्राकृतिक वेटलैंड का एरिया अधिक था। शुरू से ही इसे बिना बदले ही चिड़ियाघर बनाने की शुरुआत की गई। यहां का वेटलैंड एरिया सबसे अलग है। 29.7 एकड़ में बने इस एरिया में सभी सातों माउंट बनकर तैयार है।
डीबी सिंह, परियोजना प्रबंधक, उप्र राजकीय निर्माण निगम