अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाए जाने के लिए जिले की पुलिस को हाईटेक कर दिया गया है। इसके लिए नेटवर्किंग का जाल बिझा दिया गया है। अब अपराधियों की हर घटना पर पुलिस की निगेहबानी होगी। दस दिसंबर से शुरू हुए गूगल मैपिंग सिस्टम की सहायता से अधिक अपराध वाले क्षेत्र के साथ ही दिन व रात की सभी घटनाओं पुलिस की नजर होगी। बढ़ते अपराधों एवं अपराधियों के पास तरह - तरह के नए सिस्टम के चलते अब पुलिस महकमा भी सक्रिय हो गया है। कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के लिए नए - नए नियमों की शुरुआत कर दी है। जिले में गूगल मैपिंग सिस्टम की शुरुआत होने से पुलिस को अपराधियों की धरपकड़ में आसानी होगी। पुलिस गूगल मैपिंग के जरिए कंप्यूटर से यह पता लगाएगी कि किस क्षेत्र में पिछले दस वर्षों से अधिक घटनाएं हुई है। इसके अलावा किस दिन एवं किस समय अपराधी लूट, चोरी, हत्या जैसे जघन्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, सबका पता लगाकर अपराधों पर अंकुश लगाएगी। इस सिस्टम में सबसे खास बात यह है कि कंप्यूटर के माध्यम से पुलिस अधिकारी घटनाओं के बारे में पहले से जानकारी कर सकेंगे तथा लूट, चोरी व डकैती जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पूरी तैयारी कर लेगें। पुलिस ने एक दिसंबर से जिले में सीसीटीएनएस योजना का भी शुभारंभ कर दिया है, जो जिले के चार थानों में शुरू भी हो गया है।
बढ़ते अपराधों को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार जिले में गूगल मैपिंग सिस्टम की शुरुआत हो गई है, जो अपराधों पर नियंत्रण पाने में सहयोग करेगा।
मनोज तिवारी