जयगुरुदेव नामयोग साधना मंदिर पर चल रहे पांच दिवसीय वार्षिक भंडारा सत्संग-मेले में चौथे दिन पंकज महाराज ने प्रवचन किए। उन्होंने श्रद्धालुओं को संत-महापुरुषों के वचनों का स्मरण कराते हुए कहा कि महापुरुष इस भूल-भ्रम के देश में जीवों के जगाने और चेताने के लिए आते हैं।
वार्षिक भंडारा में उमडे़ भक्तों को संबोधित करते हुए पंकज महाराज ने कहा कि यहां न किसी को सुख मिला है न मिलेगा। महापुरुष इस दुनिया को सुख की नगरी बनाने नहीं आते हैं।
यह दुख-सुख का मसला न कभी हल हुआ और न होगा। जीवात्मओं का देश सतलोक और मजहब मालिक ‘गुरु’ का प्यार, इश्क है। उन्होंने आगे कहा कि हम लोग धन-दौलत, मजहबों, कौमों की मान बढ़ाई में सुख ढूंढते हैं।
पहले शिक्षा, आने-जाने और संचार की संसाधनों के अभाव में संबंध बहुत दूर तक फैले हुए नहीं होते थे। झोपड़ी में रहते थे, एक साथ बैठकर भोजन करते थे और सो जाते थे। लेकिन आज इतना विकास हो जाने के बाद भी सभी तरफ भाग-दौड़ मची हुई है। शाकाहार-सदाचार अपनाने से सबको आराम मिलेगा।
बाबा पंकज महाराज ने बताया कि होली सत्संग-मेला कार्यक्रम अबकी बार 5, 6 और 7 मार्च 2015 तक बाबा जयगुरुदेव महाराज की जन्मभूमि खितौरा जिला इटावा में होगा। मकर संक्रांति के अवसर पर आगामी 13 जनवरी को शाकाहार-सदाचार की एक विशाल शोभा यात्रा वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे से लंका मैदान गाजीपुर के लिए निकाली जाएगी। वहां 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर कार्यक्रम होगा।