फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर उपनल में नौकरी चाहने की आस लगाए एक युवक को जेल की हवा खानी पड़ी है। नगर के एससी वर्ग के अजय नामक युवक ने ओबीसी प्रमाण पत्र बनाने के लिए तहसीलदार को प्रार्थनापत्र दिया था। जिस पर तहसीलदार हर सिंह रजवार ने परिवार के अन्य सदस्यों के बने ओबीसी प्रमाण पत्र को संलग्न करने को कहा। इस पर युवक ने अपने भाई का ओबीसी प्रमाण पत्र संलग्न किया, जिसकी जांच करने पर पाया गया कि उसका क्रमांक टनकपुर तहसील से जारी किया गया था।
युवक ने बड़ी सफाई के साथ स्के न कर उसे वास्तविक प्रमाण पत्र का रूप दिया था। तहसीलदार ने प्रमाण पत्र की जांच कराने के बाद उसे फर्जी पाया। बाद में युवक के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कर दी। पुलिस ने युवक के विरुद्ध आईपीसी की धारा 467, 468, 471 और 420 के तहत मामला दर्ज कर युवक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उसे 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया है।