बिजली के संदर्भ में यूपी की जो तस्वीर उभरी वह बहुत उजाले वाली नहीं है। सर्वे वाले सभी 11 शहरों में तकरीबन हर घर को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
सर्वे बताता है कि बड़े शहरों की तुलना में छोटे शहरों की हालत कहीं ज्यादा बदतर है। इस वजह से बिजली आपूर्ति को लेकर लोगों की नाराजगी समझी जा सकती है। ऐसे में सूबे के लोगों के पास बिजली के वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल के अलावा कोई चारा नहीं रह जाता।
सर्वे में हिस्सा लेने वाले 25 प्रतिशत लोगों ने ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल के लिए मजबूरी जताई। हालांकि सूबे के ज्यादातर लोग खराब बिजली आपूर्ति के लिए राज्य सरकार को कुसूरवार मानते हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के करीब 22 फीसदी लोग इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं।