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3600 गिरफ्तारियों के बावजूद दलितों के बंद से राज्य में व्यवस्था चरमराई

Tue, 03 Apr 2018 05:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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Bharat Band over SC ST Act - फोटो : PTI
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दलितों द्वारा भारत बंद के आह्वान से रेल और सड़क यातायात ठप हो गया जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। वैशाली जिले के मनहर ब्लॉक में जाम में एंबुलेंस के फंसने की वजह से एक नवजात की दवा के अभाव में मौत हो गई। भीम सेना और अन्य दलित समूहों ने जबरन तीन दर्जन से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनों को पटना, मुजफ्फरपुर, गया, जेहानाबाद, बाढ़, इस्लामपुर, आरा, नवादा और वारिसलीगंज और अन्य स्टेशनों में रोक दिया।
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पूर्वी केंद्रीय रेलवे के धनबाद डिविजन में 43 ट्रेनें रोकी गईं। पटना जंक्शन पर टिकट काउंटर बंद करा दिया गया। पूर्वी तटीय रेलवे के संभलपुर और खुर्दा डिविजन में चार, उत्तर पूर्वी रेलवे, दक्षिण पूर्वी रेलवे, पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे की 18 ट्रेनों की सेवा बाधित हुईं। फिर 9.30 बजे सेवा बहाल हो सकी। 

राज्य के कई हिस्सों में बंद समर्थकों के रेलवे ट्रैक पर जाम लगाने की खबरें मिली। इनमें से कई प्रदर्शकारियों के हाथों में  भीम सेना लिखा हुआ नीला झंडा था। 
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राज्यभर में 3600 से ज्यादा गिरफ्तार

- फोटो : PTI
इस मुद्दे की गूंज राज्य विधानसभा में भी सुनाई पड़ी, जिसे विपक्षी राजद और कांग्रेस विधायकों और सत्ताधारी पार्टी के कुछ विधायकों के हंगामे की वजह से दोपहर तक स्थगित करना पड़ा। इसके बाद नेता विपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (समाजवादी) के मुखिया जीतन राम मांझी ने पटना के डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दरभंगा में बंद समर्थकों ने कोर्ट परिसर में धावा बोला और जमकर उपद्रव मचाया। 

राज्य पुलिस मुख्यालय के बताया कि राज्यभर में 3,619 बंद समर्थक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। एडीजी (मुख्यालय) एसके सिंघल ने बताया कि पटना में 35, कैमूर में 600, मुजफ्फरपुर में 2500, दरभंगा में 484 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में वे भी शामिल हैं जिन्हें सीआरपीसी की धारा 151 के तहत एहतियात के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। उन्हें पुलिस थाना से बॉन्ड भरने पर रिहा किया जाएगा। 

एक बंद समर्थक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह विरोध प्रदर्शन संविधान में "संशोधन की कोशिश" के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि, दलितों और अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों में संशोधन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीआर अंबेडकर की मूर्ति को तोड़ना भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
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