सीएम की प्राथमिकताओं को अफसरों को बताते हुए कहा कि लापरवाही किसी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का एजेंडा है कि जनता से पुलिस सीधे जुड़कर रहें।
शिकायतों के निस्तारण में किसी स्तर पर कोताही न बरती जाए। अफसरों के साथ बैठक के बाद एडीजी ने शस्त्र लाइसेंस, पासपोर्ट, समाधान दिवस सहित अन्य अभिलेखों की गहनता से जांच की।
समाधान दिवस में आई शिकायतों की क्रास चेकिंग भी किया। पांच फरियादियों से मोबाइल से वार्ता कर शिकायतों के निस्तारण के बारे में पूछा।
समाधान दिवस पर आने वाली शिकायतों में पांच फीसदी शिकायतें तय समय पर निस्तारित नहीं पाई गई। अधिकारियों से उसे जल्द निस्तारित कराने के लिए कहा।
पुलिस लाइन से निकलने के बाद वह ज्ञानपुर कोतवाली और ऊंज थाने का औचक निरीक्षण किया। दोनों थानों पर अभिलेखों की जांच भी किया। इसके पूर्व पुलिस लाइन में एडीजी को सलामी भी दी गई। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार राय, अपर पुलिस अधीक्षक लल्लन प्रसाद यादव, सीओ ज्ञानपुर श्याम शंकर पांडेय, सीओ भदोही अयोध्या प्रसाद, सीओ औराई आरके यादव, कोतवाली प्रभारी ज्ञानपुर रमेश पांडेय सहित जिले के कई थानाध्यक्ष मौजूद रहे।
इनसेट
हर चौराहे पर सतर्क दिखी पुलिस
ज्ञानपुर। अक्सर पुलिस बूथ सहित प्रमुख स्थानों पर न दिखने वाले सिपाही शनिवार को बावर्दी खड़े नजर आए। दुर्गागंज त्रिमुहानी, न्यायालय गेट परिसर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क, हरिहरनाथ मंदिर परिसर, मिश्रा मार्केट, शीतल पाल तिराहा, केएनपीजी के समीप सहित प्रमुख चौराहों पर सिपाहियों को देखकर लोग यही कहते दिखे काश हर रोज एडीजी साहब आते।