भाऊ राव देवरस अस्पताल में दिल के रोगियों को हाई क्लास ट्रीटमेंट मिलेगा।
इसके लिए अस्पताल में पांच बेड की कॉर्डियक यूनिट चालू हो गई है, जिसमें पेशेंट की मॉनीटरिंग के लिए स्पेशल कॉर्डियक मॉनीटर लगाए गए हैं।
अगस्त और सितंबर के बीच अस्पताल के दूसरे तल पर तैयार वार्ड को चालू क रा दिया जाएगा। इसके बाद यहां कुल बेड की क्षमता 100 से अधिक हो जाएगी।
अस्पताल में वर्ष 2013 से पहले ओपीडी की संख्या महज 300 से 350 तक थी। शहर के बीचोबीच बने अस्पताल को अपने रंग में लाने के लिए दिन-रात मेहनत की। आज ओपीडी संख्या बढ़कर 1100 से अधिक हो गई है।
एक वक्त था जब अस्पताल की इमरजेंसी सेवा पर जनता को विश्वास नहीं था। किसी घटना के होने पर लोग बीआरडी अस्पताल की तरफ देखते नहीं थे, लेकिन आज स्थिति एकदम उलट है।
इमरजेंसी में रोजाना दस से बारह मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। गंभीर से गंभीर रोगियों को बिना किसी परेशानी के फर्स्ट एड दिया जा रहा है।
मरीजों को मिल रही क्वालिटी मेडिसिन
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को क्वालिटी मेडिसिन दी जा रही है। कुछ साल पहले तक अस्पताल में इंसुलिन तक नहीं आती थी।
इसकी वजह से मधुमेह के मरीजों को दवा के लिए दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। बच्चों के टीकाकरण को लेकर अस्पताल में बेहतर व्यवस्था है। कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए, इसके लिए डाटा भी अपडेट रखा जाता है।
मॉड्यूलर ओटी में होंगे ऑपरेशन
भाऊराव देवरस अस्पताल को महानगर का सबसे बड़ा अस्पताल बनाना है, जहां आने वाले मरीजों को इलाज के लिए चक्कर न लगाना पड़े। अस्पताल में ऑपरेशन के लिए मॉड्यूलर ओटी का निर्माण प्रक्रिया में है।
जांच में उलझा होने के कारण सुविधा में देरी हो रही है। सरकार और विभाग से बात कर मरीजों के हित को ध्यान में रखकर इसे जल्द से जल्द शुरू करवाया जाएगा।
इसके अलावा हृदय रोगियों को बेहतर जांच की सुविधा देने के लिए शासन से ईको मशीन की मांग की गई है। इसके बाद हृदय रोगियों को ईको जांच के लिए दूसरे अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।