देश के लोगों की सोच शास्त्रीय नृत्य तक ही अटकी हुई है, वे बदलना नहीं चाहते। देश की संस्कृति सिर्फ उन्हें शास्त्रीय संगीत में ही नजर आती है। कंटेम्परेरी डांस को विदेश में बैठे एनआरआई स्वीकार नहीं करते। उनके लिए यह डांस उनकी संस्कृति से बाहर है। देश के लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए।
कंटेम्परेरी मॉडर्न डांस के साथ-साथ एक ऐसा डांस है, जिसमें मॉडर्न आर्ट के साथ हमारी संस्कृति भी है। यह बात मशहूर कंटेम्परेरी ग्रुप सेफायर किएशंस डांस कंपनी कोलकाता के आर्टिस्टिक डायरेक्टर सुदर्शन चक्रवर्ती ने कही। वह बुधवार को पहली बार शहर में छठे चंडीगढ़ आर्ट एंड हेरिटेज फेस्टिवल में प्रस्तुति देने पहुंचे थे।
उनके साथ यूएसए की डांस कंपनी रोबर्ट मोसेस भी थे। टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में दोनों ग्रुप ने लाइव शो से पहले पत्रकारों से अनुभव साझा किए। फेस्टिवल में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
यहां है बड़े घरानों का दबदबा
कोरियोग्राफर सुदर्शन ने कहा कि भारत में नृत्य में बडे़ घरानों का दबदबा है। सरकार भी बडे़ समारोह में सिर्फ शास्त्रीय संगीत और नृत्य को ही प्राथमिकता देती है। आलम यह है कि सरकार की ओर से एक भी स्कालरशिप कंटेम्परेरी डांसर्स के लिए नहीं है। यहां कंटेम्परेरी डांसर्स से सौतेला व्यवहार किया जाता है।
बंगाली फिल्म में सुष्मिता सेन के लिए की कोरियोग्राफी
सुदर्शन ने अभी हाल ही में मशहूर बंगाली निदेशक श्रीजीत मुखर्जी की चर्चित बंगाली फिल्म ‘निरबाक’ में बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन के लिए कंटेम्परेरी डांस कोरियोग्राफ किया है।
सुष्मिता सेन की यह पहली बंगाली फिल्म है। उन्होंने कहा कि सुष्मिता बेहतरीन डांसर्स हैं और उन पर हर डांस फार्म बेहद खूबसूरत लगता है। सुदर्शन ने अभी तक नौ से अधिक बंगाली फिल्मों में कोरियोग्राफ किया है।
2002 में हुई रॉबर्ट मोसेस से मुलाकात
अमेरिका के रॉबर्ट मोसेस ग्रुप के डायरेक्टर रॉबर्ट मोसेस से कोरियोग्राफर सुदर्शन की मुलाकात वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए हुई। उस दौरान दोनों डांसर्स पैनल ने कंटेम्परेरी डांस पर चर्चा की। इस बीच उन्होंने रॉबर्ट की पत्नी जो खुद डांसर है को भारत आमंत्रित किया।
तब से दोनों ग्रुप भारत और विदेश में डांस शो कर रहे हैं। रॉबर्ट ने बताया कि वह डांस के लिए ही जीते हैं। वे जहां भी जाते हैं वहां अपने डांस के जरिए शांति और अमन का संदेश देते हैं। चंडीगढ़ में रॉबर्ट का यह पहला शो था।