पिछले दिनों रायपुर में अनुसूचित जाति और जनजाति युवाओं के नग्न प्रदर्शन के बाद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार भाजपा के निशाने पर है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को कहा कि, कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ के हालात दयनीय होते जा रहे हैं। प्रदेश सरकार अपने राज्य के हालात तो सुधार नहीं पा रही है, दूसरे राज्यों के मामलों में दखल देकर सियासी ड्रामा खेलने में मशगूल है। प्रदेश में पांच साल में 37 हजार बच्चों की मौत हुई है। कश्यप ने कहा कि, एक भी सकारात्मक काम कांग्रेस सरकार ने अपने पूरे शासनकाल में नहीं किया।
भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने शासनकाल में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग समाज के लोगों को राजनीतिक दुराग्रह का शिकार बनाने का काम किया। किसानों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं के साथ जिस तरह छल-प्रपंच कर वादाखिलाफी की गई, उसकी शायद ही कोई और मिसाल कहीं देखने को मिले। केदार कश्यप ने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के नाम पर तो युवाओं को ठगा ही गया। अपने हक की लड़ाई में न्याय नहीं मिल पाने की इन युवाओं की पीड़ा और समस्या पर भी प्रदेश सरकार ने ध्यान नहीं दिया।
केदार कश्यप ने कहा कि, फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे अफसरों-कर्मियों पर कांग्रेस सरकार ने पूरे शासनकाल में कोई कार्रवाई नहीं की। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति समाज के युवकों को अपनी मांग के लिए नग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ा। प्रदेश सरकार इस घटना पर शर्म महसूस करने की जगह, आंदोलित युवाओं को अपराधी घोषित करने में लगी है। क्या सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति को अपराधी माना जाएगा? कश्यप ने कहा कि नग्न प्रदर्शन की घटना से प्रदेश शर्मसार हुआ है।
महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश भर में पांच वर्षों में 39,267 बच्चों की मौत हुई है। उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने विधानसभा में अपने लिखित उत्तर में यह स्वीकार किया है। प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और बच्चों की मौत पर भाजपा लगातार सवाल उठाती रही, लेकिन सरकार ने बच्चों की मौत के मामले को छिपाने का काम ही किया। यह मौतें स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार की लापरवाही का प्रमाण है। केदार कश्यप ने कहा कि हर मोर्चे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नाकामियों की लंबी सूची है। सरकार ने संवेदनहीनता की हदें पार करके फर्जी आंकड़ों के जरिए झूठी वाहवाही बटोरने में लगी है।