देश के प्रमुख 16 शहरों में चंडीगढ़ द बेस्ट है। यह कहना है द एलीफैंट कैचर्स के लेखक सुब्रतो बागची का। वह मिंडट्री लिमिटेड के फाउंडर चेयरमैन भी हैं।
सीआईआई में डेस्टिनेशन आईटी एट नार्थ कान्फ्रेंस के दूसरे दिन जाने माने स्पीकर बागची ने कहा कि देश के प्रमुख सोलह शहर में से चंडीगढ़ का इंफ्रास्ट्रक्चर उन्हें सबसे बेहतर लगा।
यहां बिजनेस को बढ़ाने के लिए इंटरप्रेन्योर की आवश्यकता है। ऐसा नहीं होगा तो रिजल्ट अच्छे नहीं आएंगे। एक लीडर बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करता है। किसी भी इंटरप्रेन्योर के लिए आवश्यक है कि वह डायनेमिक डिजिटल स्ट्रेटजी तैयार करे।
उन्होंने इस मौके पर सीआईआई की के यूनीक इनीशिएटिव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोल्डन टाप टेन कंपनी (जीटीसी) एमएसएमई के लिए है।
सीआईआई के आवंथा सेंटर द्वारा कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को बेहतर करने की कोशिश और उनको बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
चार सौ एमएसएमई कंपनियों को सेलेक्ट किया गया है जिनको चार साल के भीतर तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश है। सीआईआई उनको आपरेशनल और मार्केटिंग के स्तर पर सहयोग करेगा।
बागची ने कहा कि जो खरगोश का शिकार करते हैं वह हाथियों को कैसे पकड़ पाएंगे। उसके लिए तो एक्सपर्ट की टीम चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत अपनी हाल में पब्लिश किताब के साथ की।
उन्होंने कहा कि भारत उद्यमियों का देश है लेकिन यहां रचनात्मक उद्यमों की कमी है। एक लीडर और उसके अनुयायी में अंतर यह है कि लीडर हमेशा एक विरासत छोड़ता है जबकि अनुयायी उसको फालो ही करता है।
लीडर के लिए आवश्यक होता है कि वह टीम को बनाए और ज्यादा से ज्यादा लीडरों को तैयार करे। बागची ने कहा कि नार्थ में इंटरटेनेंमट के साथ ही मीडिया की क्षमता सबसे ज्यादा है।
आइडिया में चेंज, कस्टमर और प्रोडक्ट के साथ इंटेलेक्ट, रेपुटेशन सबसे ज्यादा आवश्यक है। इस सत्र के समापन पर सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन मनमोहन सिंह ने कहा कि डेस्टिनेशन आईटी का सफलता यहां के स्पीकर हैं।