गांव तकीपुर में रविवार रात हुई तेज बारिश के कारण एक ग्रामीण के बरामदे की छत भरभराकर गिर गई। इस हादसे में पिता-पुत्री मलबे में दब गए। घायल पिता किसी तरह मलबे से बाहर निकला और शोर मचा दिया।
इसके बाद एकत्रित ग्रामीण छात्रा को निकालने में जुट गए, लेकिन मलबे से निकालने में ही 25 मिनट लग गए और उसकी मौत हो गई। हादसे में एक भैंस की भी मौत हो गई, जबकि दूसरी घायल हो गई।
घटना के बाद नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होंने सहायता का आश्वासन दिया। रबूपुरा थाना क्षेत्र के हरियाणा सीमा पर बसे गांव तकीपुर बांगर निवासी रामनिवास शर्मा रविवार रात को अपनी बेटी लक्ष्मी (12) के साथ बरामदे में सो रहे थे।
परिवार के अन्य सदस्य भी घर में सो रहे थे। रविवार रात हुई बारिश होने के कारण गाडर-पटिया से बनी बरामदे की छत दोनों के ऊपर गिर पड़ी। रामनिवास किसी तरह मलबे से बाहर निकल और घायल अवस्था में ही शोर मचाने लगा।
आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबे में दबी लक्ष्मी को निकालने लगे। मलबा अधिक होने के कारण 25 मिनट का समय लग गया। फिर उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां मृत घोषित कर दिया गया।