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मिशन 2019 के लिए भाजपा ने बनाया 'माइक्रो प्लान', एक-एक बूथ पर खुद नजर रखेंगे अमित शाह

Mon, 23 Apr 2018 09:28 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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भाजपा ने मिशन 2019 में भी भगवा परचम फहराने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया है। दस दिन पहले आए शाह ने यूपी के बारे में जो फीडबैक जुटाया था, उसके आधार पर शनिवार के दौरे में उन्होंने संगठन और सरकार दोनों जगह बैठे लोगों को अगले तीन महीने का काम सौंपा।

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साथ ही हिदायत भी दी कि कर्नाटक चुनाव के बाद वह फिर आएंगे, तब तक खामियां दूर कर ली जाएं। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में पराजय की एक वजह बूथ प्रबंधन की कमजोरी सामने आने से सचेत पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस खामी को दूर करने का बीड़ा उठाया है। शाह खुद इसकी निगरानी करेंगे।

याद रहे कि शाह ने अपने दौरों में अफसरशाही की मनमानी और जमीन पर सरकार के कामों का प्रभाव न दिखने की तरफ सरकार का ध्यान दिलाया था। शाह के लिए चिंता का एक कारण सांसदों, विधायकों और कुछ मंत्रियों की तरफ से उजागर हुई ये पीड़ा भी थी कि अधिकारी सुनते नहीं।
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खास तौर से भाजपा के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अफसरशाही के रवैये को लेकर कई बार नाराजगी जाहिर की है।

तैयार होगा सांसदों का रिपोर्ट कार्ड, करेंगे चार-चार लोकसभा क्षेत्रों की बैठक

- फोटो : amar ujala
शाह जून-जुलाई में चार-चार लोकसभा क्षेत्रों की बैठक करके हर तरह की जमीनी हकीकत जानेंगे। उससे पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, राष्ट्रीय सहमहामंत्री संगठन शिवप्रकाश और प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल सभी लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर वहां की हकीकत समझेंगे।

इसमें मुख्य रूप से संबंधित स्थानों के विधायकों और सांसदों की छवि, उनके काम और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा जनता से संवाद की हकीकत जानना भी शामिल है। इसी के साथ नकारात्मक छवि या जनता व कार्यकर्ताओं से सहज संवाद न रखने वाले सांसदों के स्थान पर और कौन-कौन टिकट के दावेदार हैं और लोगों के बीच उनकी छवि कैसी है, इस बारे में भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

यह जानकारी भी जुटाई जाएगी कि केंद्र और प्रदेश सरकार के कामों और योजनाओं का जमीन पर कैसा हाल है। अगर परिणाम अच्छे नहीं हैं तो उसकी वजह क्या है? अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी के कारण ऐसा है तो उस पर सरकार को कठोर कार्रवाई करनी होगी।
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योगी की सभाएं व उप मुख्यमंत्रियों के दौरे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
संगठन के दौरे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रमुख स्थानों पर सभाएं कराई जाएंगी जिससे प्रदेश में लोकसभा की सभी 80 सीटें कवर हो जाएं। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा के भी लगभग सभी जिलों में दौरे होंगे।

इसमें ये संगठन की तरफ से जुटाए गए फीडबैक के आधार पर लोकसभा क्षेत्रवार केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही उन खामियों को दूर कराएंगे जिनके कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। लापरवाह या हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

कम वोट मिलने वाले बूथों पर खास ध्यान
भाजपा ने उन बूथों पर खास फोकस किया है जहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उसे अपेक्षित वोट नहीं मिले। वजह शायद गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में मिली पराजय है। भाजपा के रणनीतिकारों ने तय किया है कि जहां पार्टी हारी है, वहां बूथ कमेटियों में कम से कम तीन महिलाएं और जहां जीती है वहां कम से कम पांच महिलाएं हर हाल में रहें। इससे महिलाओं से संपर्क और संवाद करने में सुविधा रहेगी।

हारे हुए बूथों पर पार्टी के काम की वास्तविकता समझने के लिए दिल्ली या किसी दूसरे प्रदेश के पार्टी नेता को अचानक भेजने की रणनीति भी बनी है। सच्चाई जानने शाह खुद भी जा सकते हैं।
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