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वाराणसी: बीएचयू के पूरा छात्र ने देश भर में लहराया परचम

Sun, 09 May 2021 10:19 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कोरोना की नई दवा बनाने बनाने वाली टीम में शामिल वैज्ञानिक डॉक्टर अनिल ने बीएचयू से 1988 में आर्गेनिक केमिस्ट्री में किया शोध
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डा. अनिल कुमार मिश्र (डीआरडीओ के वैज्ञानिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी कोरोना काल मे देश-दुनिया के वैज्ञानिक अलग-अलग आविष्कार में लगे हैं। कोई संक्रमण को कम करने के उपायों को ढूंढने में लगा है तो कोई कोरोना मरीजों के लिए दवा बनाकर अपना योगदान देने में लगा है। इसमें कोरोना मरीजों के इलाज के लिए नई दवा 2-डीजी (2-डियोक्सी-डी-ग्लूकोज) बनाने वाली टीम के अहम सदस्य बीएचयू के पुरातन छात्र डॉक्टर अनिल मिश्रा ने भी बीएचयू का मान बढ़ाया है।

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बीएचयू विज्ञान संस्थान के केमिस्ट्री डिपार्टमेंट से इन आर्गेनिक केमिस्ट्री में 1988 में प्रो. वीडी गुप्ता के निर्देशन में शोध करने वाले अनिल मिश्रा की इस उपलब्धि से उनके गुरु के साथ ही विज्ञान संस्थान के निदेशक सहित अन्य शिक्षकों ने खुशी जताई है। सभी का कहना है कि मूल रूप से बलिया निवासी डीआरडीओ में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल मिश्रा का कार्य युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणादायी हैं।


 

किसी भी गुरु के लिए सबसे बड़ी खुशी उसके छात्र की सफलता होती है। इन आर्गेनिक केमिस्ट्री में मेरे निर्देशन में शोध करने वाले डॉक्टर अनिल मिश्रा की इस  उपलब्धि से बड़ी खुश हू। - प्रो. वीडी गुप्ता, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, के मिस्ट्री बीएचयू

बीएचयू विज्ञान संस्थान के साथ ही पूरे विश्वविद्यालय के लिए बड़े गर्व की बात है। पुरातन छात्र डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस कार्य से शोध करने वाले शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का काम करेगी। -प्रो. एके त्रिपाठी, निदेशक विज्ञान संस्थान

विभाग के लिए तो यह यादगार उपलब्धि है। डॉक्टर अनिल ने आर्गेनिक केमिस्ट्री से अपना शोध कार्य  क़िया। आशा करता हूं कि कोरोना महामारी पर नियंत्रण की दिशा में उनका यह प्रयास कारगर साबित होगा। पुरातन छात्र के इस पहल से विभाग का मान बढ़ा है। - प्रो. माया शंकर सिंह, विभागाध्यक्ष, केमिस्ट्री डिपार्टमेंट

निश्चित ही डॉक्टर अनिल मिश्रा ने टीम के साथ मिलकर जो उपलब्धि हासिल की है, उससे शोध करने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। देशभर में बीएचयू का मान बढ़ाया है। विश्वविद्यालय परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। - प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, जूलॉजी डिपार्टमेंट, बीएचयू
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किसी भी गुरु के लिए सबसे बड़ी खुशी उसके छात्र की सफलता होती है। इन आर्गेनिक केमिस्ट्री में मेरे निर्देशन में शोध करने वाले डॉक्टर अनिल मिश्रा की इस  उपलब्धि से बड़ी खुश हू। - प्रो. वीडी गुप्ता, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, के मिस्ट्री बीएचयू

बीएचयू विज्ञान संस्थान के साथ ही पूरे विश्वविद्यालय के लिए बड़े गर्व की बात है। पुरातन छात्र डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस कार्य से शोध करने वाले शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ने के साथ ही युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा का काम करेगी। -प्रो. एके त्रिपाठी, निदेशक विज्ञान संस्थान

विभाग के लिए तो यह यादगार उपलब्धि है। डॉक्टर अनिल ने आर्गेनिक केमिस्ट्री से अपना शोध कार्य  क़िया। आशा करता हूं कि कोरोना महामारी पर नियंत्रण की दिशा में उनका यह प्रयास कारगर साबित होगा। पुरातन छात्र के इस पहल से विभाग का मान बढ़ा है। - प्रो. माया शंकर सिंह, विभागाध्यक्ष, केमिस्ट्री डिपार्टमेंट

निश्चित ही डॉक्टर अनिल मिश्रा ने टीम के साथ मिलकर जो उपलब्धि हासिल की है, उससे शोध करने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। देशभर में बीएचयू का मान बढ़ाया है। विश्वविद्यालय परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। - प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, जूलॉजी डिपार्टमेंट, बीएचयू
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