वाट्सएप सोशल नेटवर्किंग का ही माध्यम नहीं रहा है। लोग कानून की रक्षा करने में भी इसकी मदद ले रहे हैं। इसके जरिए भ्रष्टाचार पर वार कर रहे हैं।
अतरौली में मतगणना के दौरान वाट्सएप ने प्रधानों से पैसे लेने वाले कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़वा दिया। डीएम ने आरोपी दोनों कर्मचारियों को जेल भिजवा दिया है।
केएमवी इंटर कॉलेज में रविवार को अतरौली ब्लाॅक की मतगणना में अतरौली ब्लाॅक में तैनात अनुवादक यामीन खां और ग्राम विकास अधिकारी केपी सिंह की ड्यूटी थी।
दोनों कर्मचारी जीतने वाले उम्मीदवारों से प्रमाण पत्र के एवज में 500-500 रुपये वसूलने लगे। एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल के कैमरे में दोनों कर्मचारियेां की करतूत को कैद कर लिया।
इसके बाद जिलाधिकारी डा. बलकार सिंह के वाट्सएप पर भेज दिया। इक्तेफाकन डीएम और एसएसपी दोनों अतरौली में ही निरीक्षण करने पहुंचे हुए थे।
डीएम ने इस पर संज्ञान लिया और अपने सामने दोनों कर्मचारियों की तलाशी करवाई। दोनों ब्लाॅक कर्मियों की जेब में रुपये ऐसे रखे हुए थे जैसे बिना गिने या हिसाब के ठूंसे गए हो। डीएम ने एसएसपी को आदेश देकर दोनों कर्मचारियों को जेल भिजवा दिया।