20 साल बाद आखिरकार शुक्रवार को ताजमहल पूर्वी गेट पाठक प्रेस के पास स्थित रेवती के बाड़े से अवैध कब्जा हटाया जा सका। पुलिस प्रशासन की मदद से एएसआई ने जेसीबी से बाड़े में बने घर को तुड़वाया। शाम को ही फेंसिंग कर अपना बोर्ड लगाकर जमीन कब्जे में ले ली। यह बाड़ा ताजमहल परिसर का ही हिस्सा माना जाता रहा है।
20 साल पहले ताजमहल पूर्वी गेट पर मौजूद रेवती केबाड़े को खाली कराने के लिए एएसआई ने प्रशासन के पास 75 हजार रुपये जमा कराए थे। नौ साल पहले 2006 में यह कवायद तेज हुई, लेकिन प्रशासन पीछे हट गया। अब दिल्ली के निर्देश पर प्रशासन ने पांच दिन पहले नोटिस देने के बाद शुक्रवार दोपहर को बाड़ा खाली कराने की कवायद शुरू कर दी। बाड़े में रह रहे सुंदर दुबे, पप्पू दुबे व श्याम दुबे पुत्र रेवती प्रसाद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन कागजात न दिखा पाने पर उनकी एक नहीं चली। एसीएम, सीओ और सीओ ताज सुरक्षा की मौजूदगी में जेसीबी मशीन की मदद से बाड़े में बने अवैध निर्माण को ढहा दिया। इस दौरान एएसआई कर्मचारी ब्रह्मजीत के सिर में खंभे से चोट लग गई। उन्हें हास्पिटल में भर्ती कराया। ताजमहल के ग्रैंड डिजायन के हिस्से कटरा फुलेल, कटरा जोगीदास, कटरा उमर खां, कटरा रेशम कटरा की तरह यह बाड़ा भी हिस्सा माना जाता है। अब एएसआई यहां सौंदर्यीकरण की योजना बना रहा है।
बतख ने एक घंटे कराया लेट
रेवती के बाड़े में पुलिस प्रशासन और जेसीबी मशीन कब्जा हटाने को तैयार थी, लेकिन बाड़े में बने कमरे में बतख अपने अंडों के साथ थी। बतख को हटाने के लिए वन विभाग की टीम बुलाई गई। एक घंटे बाद वन विभाग के कर्मचारी ने अंडों सहित बतख को बाड़े से बाहर निकाला।