पुराने गायकों में कुछ अलग बात थी... उनकी गायकी का लेवल बहुत ऊंचा था। लेकिन, आजकल के गायकों में वह बात नहीं है। यह कहना है शबाना आजमी का।
वह शनिवार शाम दिल्ली की समाज सेविका रश्मि आनंद को नीरजा भनोट अवार्ड से सम्मानित करने शहर में पहुंची। इस दौरान प्रेस क्लब में उन्होंने एक वार्ता में अपनी जिंदगी के बारे खुलकर चर्चा की।
शबाना ने बताया बचपन से ही उनके घर में शायरी का महौल रहा है। इस लिए उस समय फिल्मों शानदार गाने सुनने को मिलते थे। आजकल के गानों में वह बात नजर नहीं आती। लेकिन, उन्होंने कहा कि आजकल बदलाव का दौर है।
इसका असर फिल्मों में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा आजकल फिल्मों मे पहले की अपेक्षा बेहतर कहानियां आ रही हैं। इसमें महिला सशक्तिकरण पर आधारित कई अच्छी फिल्में बन रही हैं।
वहीं, उन्होंने शनिवार शाम सेंट स्टीफंस स्कूल-45 में दिल्ली की समाज सेविका रश्मि आनंद को नीरजा अवार्ड भनोट अवार्ड देकर सम्मानित किया।