अनुराग कश्यप बेहद ही उम्दा निर्देशक हैं, जो एक एक्टर को पूरी छूट देते हैं। वह ऐसा माहौल बना देते हैं कि एक्टिंग करना आसान हो जाता है।
यह बात कल्की कोचलिन ने मंगलवार शहर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमर उजाला से खास बातचीत में कही। इस मुलाकात में काल्की ने फिल्मी कैरियर और निजी जिंदगी की कुछ बातें शेयर की।
कल्की ने फिल्मों में आने से पहले की जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा कि वह स्कूल टाइम में एक टॉम ब्वॉय थी और अकसर लड़कों की तरह ही रहती थी।
ऊटी में स्कूल से पास आउट होने के बाद वह लंदन में एक्टिंग का कोर्स करने गई और फिर मुंबई में काफी नाटकों में काम किया। लेकिन, दिल में आस थी कि फिल्मों में भी एक्टिंग की जाए।
काल्की ने बताया कि वह जब भी किसी फिल्म में ऑडिशन देने जाती थी तो उन्हें विदेशी मूल की समझ कर कह दिया जाता था कि जब उनके अनुसार कोई किरदार मिलेगा तो वह उन्हें बुला लेंगे।
कल्की ने अपने फ्यूचर प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि आने वाले दिनों में उनकी तीन बॉलीवुड फिल्में आने वाली हैं। इसमें जीया और जीया, हैप्पी एंडिंग और एक अनाम फिल्म शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने एक नाटक भी लिखा है, जिसका नाम फिलहाल ‘डेथ’ रखा गया है।