मणप्पुरम गोल्ड लूट मामले में आरोपी देवेंद्र उर्फ देवा के पिता आईटीबीपी में इंस्पेक्टर हैं। देवेंद्र उर्फ देवा और बिजेंद्र बीटेक हैं। दोनों ने बीटेक की परीक्षा गुरुग्राम से ही पास की थी।
लेकिन मंदी के कारण उनके लिए अपना खर्चा चलाना भी मुश्किल होने लगा था। अपने खर्चे पूरे करने के लिए ही उन्होंने लूटकांड को अंजाम दिया, ताकि वह आर्थिक तंगी से उबर सकें।
देवेंद्र उर्फ देवा मूलरूप से जींद जिले के गांव बराह का रहने वाला है। उसके पिता कृष्ण दिल्ली के तिगरी में स्थित आईटीबीपी में इंस्पेक्टर हैं। देवेंद्र ने तावडू रोड पर बिलासपुर चौक स्थित जीआईटीएम कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की थी।
उसका परिवार लंबे समय से बाहर ही रह रहा था। देवा बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नोएडा की एक कंस्ट्रशन कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहा था। लेकिन नोटबंदी के बाद आई मंदी में उसे कंपनी से निकाल दिया गया था।
आरोपी बिजेंद्र उर्फ छबीला भी बराह गांव का ही रहने वाला है। उसने भी गुरुग्राम के रेलवे रोड स्थित जीजीएम कालेज से बीटेक किया था। उसके पिता दिलबाग सिंह गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं।