सबसे कम उम्र में अपने दम पर कंपनी शुरू कर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईटी) बनने वाले देश के दो यंग सीईओ मंगलवार को सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कालेज फॉर वुमन में पहुंचे। खास बात यह थी कि दोनों यंग सीईओ ने अभी तक कालेज में एंट्री तक नहीं की है।
लेकिन, दोनों अचीवर्स ने युवाओं को कैरियर में सफलता के टिप्स दिए। दिल्ली निवासी 16 साल के राघव और चेन्नई की 17 साल की सिंधुजा राजामारन की सफलता की कहानी को सुनकर कार्यक्रम में शिक्षक और स्टूडेंट हैरान थे।
दोनों यंगेस्ट इंडियन सीईओ का खिताब पा चुके हैं। एमसीएम डीएवी कालेज और चंडीगढ़ प्रशासन के आईटी विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में दोनों यंग सीईओ ने अपने कैरियर और भविष्य की योजनाओं को लेकर छात्राओं के साथ अनुभव साझा किए।
हमेशा सीखने की ललक जिंदा रखें
जिंदगी में सफलता पाने के लिए हमेशा नया सीखने की ललक होनी चाहिए। यही प्रोसेस आगे बढ़ने का सबसे बेहतर तरीका है। यह कहना है 16 वर्षीय राघव सूद का। मोबाइल एप्प कंपनी के सीईओ और एड्रायड पर सबसे कम उम्र में किताब लिखने वाले सूद ने कहा कि अगले महीने भर के अंदर उनकी एक ओर किताब बाजार में आने वाली है।
गुड़गांव के श्रीराम स्कूल में 11वीं साइंस संकाय के छात्र राघव बताते हैं कि उनकी कंपनी अमेरिका में रजिस्टर्ड है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। पिता आईबीएम में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 9 साल की उम्र में उन्होंने पहली वेबसाइट डेवलप की थी।
राघव ने दिए सफलता के टिप्स ...
-जीत के जुनून को हमेशा बनाए रखें।
-अपने लक्ष्य पर हमेशा फोकस रखें।
-नई चीजों को सीखने की ललक जरूरी है।
-नई चीजों को अपने दोस्तों और अन्य लोगों के साथ साझा करें।
-चीजों को अलग नजरिए से देखने की कोशिश करें।
-परिवार के सहयोग से ही मंजिल पाई जा सकती है।
लोगों को रोजगार देने का सपना ...सिंधुजा
14 साल की उम्र में सेपन एनीमेशन कंपनी की सीईओ बनने वाली सिंधुजा राजामारन की सोच काफी अलग है। 20 से 25 साल की उम्र के पांच आईटी एक्सपर्ट के साथ कंपनी शुरू करने वाली सिंधुजा का कहना है कि वह अपनी कंपनी के माध्यम से युवाओं को रोजगार देना चाहती है।
17 साल की सिंधुजा ने अपनी सक्सेस स्टोरी के बारे में बताया कि उनकी पिता बेहतरीन आर्टिस्ट है। लेकिन उन्होंने एनिमेशन कैरियर को चुना। अक्तूबर 2010 में सेपन कंपनी स्थापित करने वाली सिंधुजा ने कहा कि अगले साल तक उनका सपना एक करोड़ की टर्नओवर का है। सिंधुजा कहती हैं कि उन्हें खुशी है कि वह अपनी फीस खुद अपनी सैलरी से भरती हैं।
सिंधुजा के टिप्स
-योग से किसी भी काम पर फोकस करने में मदद मिलती है।
-अपने काम के प्रति जुनून पैदा करना चाहिए।
-लड़कियां किसी भी क्षेत्र में मुकाम हासिल कर सकती हैं।
-जिंदगी में अपना टारगेट तय करो और फिर जमकर मेहनत करें।
-कैरियर और हॉबी दोनों में बैलेंस बनाना जरूरी है।
सवाल जवाब का दौर भी चला
राघव सूद और सिंधुजा राजामारन को सुनने के लिए छात्राओं के बीच खासा क्रेज था। पूरा हाल खचाखच भरा हुआ था। कार्यक्रम के बाद में छात्राओं ने कंप्यूटर से जुड़े कई सवाल दोनों यंग सीईओ से पूछे।