भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में सोमवार से ‘स्वराज इन इंडिया’ विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी में देश के लगभग 12 जाने-माने विद्वान, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्वराज के विभिन्न पहलुओं पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
संस्थान के जन सूचना अधिकारी भजन कायथ ने कहा कि वास्तव में स्वराज की अवधारणा को स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व हुए विभिन्न आंदोलनों से जोड़कर देखा जा रहा है, मगर विचारों की स्वायत्तता संगोष्ठी का शुभारंभ 21 जुलाई को होगा।
यह प्रात: 10 बजे संस्थान के निदेशक प्रोफेसर चेतन सिंह के स्वागत भाषण से होगा। उसके बाद अन्य प्रतिभागी विभिन्न सत्रों में अपने-अपने व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। इस संगोष्ठी में शिरकत करने वालों में संस्थान के पूर्व निदेशक प्रोफेसर पीटर रोनाल्ड डिसूजा भी शामिल होंगे।
साथ ही प्रो. गोपाल गुरु, प्रो. बिजोय एच. बरूआ, प्रो. निरमलंगशु मुखर्जी, डॉ. राकेश पांडे, डॉ. संजय पल्शीकर, डॉ. गांगेय मुखर्जी, डॉ. मनिंद्र ठाकुर, सतीश झा तथा प्रलय कानूनगो प्रमुख वक्ता हैं। इसके अलावा संस्थान में शोधरत सभी अध्येता और सह अध्येता भी इस संगोष्ठी में शामिल होंगे।