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सभी महाविद्यालय होंगे वाई-फाई से लैस

Fri, 27 Jun 2014 03:32 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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स्टूडेंट्स को मुफ्त का लैपटॉप भले नहीं मिलेगा, लेकिन मुफ्त वाई-फाई सुविधा हासिल होगी। लखनऊ के सारे डिग्री कॉलेज वाई-फाई से लैस होंगे।
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उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों में जल्द सुविधा शुरू करने का निर्देश जारी किया है।

वाई-फाई सुविधा शुरू करने में किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत होने पर उच्च शिक्षा विभाग ने सहयोग करने की बात भी कही है।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव बीबी सिंह ने शासनादेश जारी कर दिया है।

सूबे के स्टूडेंट्स को सूचना और तकनीक में दक्ष बनाने के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार ने 12वीं पास सभी स्टूडेंट्स निशुल्क लैपटॉप देने की घोषणा की थी।

वर्ष 2012 में लखनऊ के 150 डिग्री संस्थानों के 12वीं पास करने वाले 46 हजार स्टूडेंट्स को लैपटॉप दे भी दिए गए थे, लेकिन इस साल प्रदेश सरकार ने लैपटॉप के लिए बजट में प्रावधान नहीं किया है।

अलबत्ता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी डिग्री संस्थानों में वाई-फाई की सुविधा शुरू करने के लिए कहा है।

नैक ग्रेडिंग के समय भी वाई-फाई सुविधा होने पर अच्छा ग्रेड मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

नैक टीम के निरीक्षण के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय को वाई-फाई न होने का नुकसान उठाना पड़ा। वाई-फाई से लैस न होने के कारण लविवि को बी ग्रेड से संतोष करना पड़ा।
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ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने सभी डिग्री कॉलेजों को वाई-फाई करने के निर्देश दिया है। विशेष सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन कॉलेज के स्टूडेंट्स को लैपटॉप दिया गया था।
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वहां पहली प्राथमिकता के आधार पर कैंपस को वाई-फाई किया जाएगा। वाई-फाई होने की सूरत में स्टूडेंट्स पासवर्ड लेकर लैपटॉप या मोबाइल पर इंटरनेट चला सकेंगे।

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को जल्द से वाई-फाई सुविधा से लैस करने की बात कही है।

अब प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने भी महाविद्यालयों को वाई-फाई सुविधा से लैस करने की बात कह दी है।

इसके बावजूद लखनऊ के गिने-चुने संस्थान ही अभी तक वाई-फाई से लैस हो पाएंगे। इस समय नेशनल पीजी कॉलेज, श्री जय नारायण पीजी कॉलेज, महिला महाविद्यालय में वाई-फाई सुविधा है।

शासन की ओर से भले ही सभी कॉलेजों को वाई-फाई करने के निर्देश दे दिए गए हों पर अनुदानित कॉलेजों में यह आसान नहीं होगा।

सरकार की ओर से वाई-फाई करने के लिए कोई बजट जारी नहीं किया गया है।

ऐसे में निजी कॉलेज तो स्टूडेंट्स से ली जाने वाली महंगी फीस से वाई-फाई का खर्च निकाल सकते हैं।

वहीं, अनुदानित कॉलेजों को निश्चित फीस के कारण वाई-फाई सुविधा देने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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